Pete Hegseth on Iran: ईरान-अमेरिकी सीजफायर के बाद दोनों देशों की तरफ से अपनी-अपनी जीत का दावा किया जा रहा है। इसी कड़ी में, सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने सीजफायर के लिए भीख मांगी और उसकी गुहार पर ही यह युद्धविराम हुआ। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने बड़े एयर स्ट्राइक के जरिए ईरान की रणनीतिक संपत्तियों पर विनाशकारी हमले किए।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पल को आकार दिया। ईरान ने इस युद्धविराम के लिए गुहार लगाई थी, और हम सब यह जानते हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी युद्ध के मैदान में एक ऐतिहासिक और जबरदस्त जीत थी। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने ईरान की सेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया और उसे आने वाले वर्षों तक युद्ध में अप्रभावी बना दिया।’
उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने अमेरिकी शर्तें ठुकरा दी होती, तो अगले निशाने उनके बिजली संयंत्र, पुल, तेल और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे होते। इससे ईरान को फिर से खड़ा होने में दशकों लग जाते। वहां के नेतृत्व ने इसे समझा कि समझौता करना बेहतर है।
मंगलवार रात भीषण हमले किए
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, “हमने मंगलवार रात को भीषण हमले किए, जिससे ईरान का रक्षा औद्योगिक आधार नष्ट हो गया। ईरान के कारखाने पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को काफी हद तक बदल दिया है।
उन्होंने दावा किया, ‘राष्ट्रपति ट्रंप के पास मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की शक्ति थी, लेकिन उन्होंने दया का रास्ता चुना। उन्होंने उन लक्ष्यों को बख्श दिया क्योंकि ईरान ने भारी दबाव में आकर संघर्ष विराम स्वीकार किया था। नए ईरानी शासन ने समझ लिया कि समझौता उनके भविष्य के लिए कहीं बेहतर था। इस नए शासन ने संयोगवश अपने पूर्व नेतृत्व के साथ जो हुआ, उसे देखा था।’
मोजतबा खामेनेई घायल हैंः हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल और विकृत हैं, हालांकि उन्होंने इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई अतिरिक्त सबूत पेश नहीं किया।


