DDU अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा:अलीगढ़ में भड़के परिजन ने लगाया डॉक्टर-स्टाफ पर लापरवाही और बदसलूकी का आरोप

DDU अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा:अलीगढ़ में भड़के परिजन ने लगाया डॉक्टर-स्टाफ पर लापरवाही और बदसलूकी का आरोप

​अलीगढ़ दीनदयाल उपाध्याय (DDU) संयुक्त चिकित्सालय में शनिवार देर शाम मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजन ने डॉक्टरों और स्टाफ पर ड्यूटी से नदारद रहने का आरोप लगाया। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीज ने दम तोड़ दिया। इस दौरान अस्पताल कर्मचारी द्वारा तीमारदारों से बदसलूकी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ​सांस लेने में तकलीफ के बाद हुए थे भर्ती ​थाना क्वार्सी क्षेत्र के ज्वालापुरी बेगमबाग निवासी रूपेश कुमार शर्मा (41) को सांस लेने में तकलीफ थी। परिजन ने उन्हें 6 मार्च की रात को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार को उन्हें वार्ड संख्या-5 के बेड नंबर-28 पर शिफ्ट किया गया था। ‘बुलाते रहे स्टाफ, कोई नहीं आया’ ​परिजन का आरोप है कि शनिवार शाम रूपेश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ और डॉक्टरों को कई बार आवाज दी, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं था। काफी देर बाद जब स्टाफ पहुंचा और पल्स चेक की तो वह गायब थी। इसके बाद चिकित्सक ने आकर उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन ने आरोप लगाया कि हम चिल्लाते रहे कि मरीज की जान जा रही है, लेकिन न डॉक्टर मिले न नर्स। अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो जान बच सकती थी। कर्मचारी की बदसलूकी से बढ़ा गुस्सा ​मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। हंगामे के बीच इमरजेंसी में तैनात एक कर्मचारी के तीमारदारों के साथ अभद्रता करने पर विवाद बढ़ गया। सोशल मीडियो पर वायरल वीडियो में कर्मचारी पहले एक बुजुर्ग महिला और बाद में अन्य तीमारदारों से अभद्रता करता हुआ नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही थाना क्वार्सी पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साई भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया। ​पोस्टमार्टम से परिजनों का इनकार ​पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरते हुए शव परिजनों को सौंप दिया और वे शव लेकर घर चले गए। जांच के आदेश, दोषी पर होगी कार्रवाई ​इस मामले पर अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमके माथुर ने बताया कि ​मरीज पहले से ही सांस की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। ​डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। ​बदसलूकी और लापरवाही के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।

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