खगड़िया पुलिस ने समाहरणालय परिसर में हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कई राजद नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने शुक्रवार को इस पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 08 जनवरी को कुछ असामाजिक तत्वों ने महिलाओं और युवकों की भीड़ इकट्ठा कर जबरन समाहरणालय परिसर में प्रवेश किया और उग्र प्रदर्शन किया। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक सह एसडीपीओ सदर-1, चित्रगुप्तनगर थाना प्रभारी और खगड़िया थाना प्रभारी ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को परिसर से बाहर निकाला, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालना जारी रखा। 82 नामजद अभियुक्त शामिल एसपी ने आगे बताया कि घटना के नेतृत्वकर्ताओं और उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर की गई है। इस मामले में चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 05/26 दर्ज किया गया है, जिसमें कुल 82 नामजद अभियुक्त और अन्य अज्ञात अभियुक्त शामिल हैं। अब तक गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नीरज कुमार, पिन्दु कुमार, मनीष कुमार, चंद्रशेखर जायसवाल सहित कुल 14 लोग शामिल हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आईटी एक्ट के तहत FIR दर्ज एसपी राकेश कुमार ने यह भी बताया कि भीड़ में शामिल लोगों द्वारा पीड़िता की फोटो और नाम सार्वजनिक किया गया, जो पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल द्वारा जांच की जा रही है और दोषियों पर आईटी एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यह मामला गंगौर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते दिनों चार वर्षीय नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थिति में हुई हत्या से जुड़ा है। आशंका है कि बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसी मामले को राजनीतिक रंग देते हुए कुछ लोगों द्वारा समाहरणालय में हंगामा किया गया। एसआईटी का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की गहन जांच करेगी। आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई समाहरणालय के समक्ष हुए प्रदर्शन को लेकर आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि राजेन्द्र चौक पर प्रदर्शन के दौरान तैनात ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय पर सूचना नहीं दी गई, जिससे हालात बिगड़े। इसे इंटेलिजेंस फेल्योर मानते हुए कार्रवाई की गई है। चार थानाध्यक्षों से मांगा गया स्पष्टीकरण एसपी ने बताया कि जिन थाना क्षेत्रों से प्रदर्शनकारी आए थे, उन चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही संबंधित गांव के चौकीदार से भी जवाब तलब किया गया है।एसपी राकेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि“कुछ लोगों की वजह से जिले की छवि खराब हुई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” खगड़िया पुलिस ने समाहरणालय परिसर में हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कई राजद नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने शुक्रवार को इस पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 08 जनवरी को कुछ असामाजिक तत्वों ने महिलाओं और युवकों की भीड़ इकट्ठा कर जबरन समाहरणालय परिसर में प्रवेश किया और उग्र प्रदर्शन किया। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक सह एसडीपीओ सदर-1, चित्रगुप्तनगर थाना प्रभारी और खगड़िया थाना प्रभारी ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को परिसर से बाहर निकाला, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालना जारी रखा। 82 नामजद अभियुक्त शामिल एसपी ने आगे बताया कि घटना के नेतृत्वकर्ताओं और उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर की गई है। इस मामले में चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 05/26 दर्ज किया गया है, जिसमें कुल 82 नामजद अभियुक्त और अन्य अज्ञात अभियुक्त शामिल हैं। अब तक गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नीरज कुमार, पिन्दु कुमार, मनीष कुमार, चंद्रशेखर जायसवाल सहित कुल 14 लोग शामिल हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आईटी एक्ट के तहत FIR दर्ज एसपी राकेश कुमार ने यह भी बताया कि भीड़ में शामिल लोगों द्वारा पीड़िता की फोटो और नाम सार्वजनिक किया गया, जो पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 72 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल द्वारा जांच की जा रही है और दोषियों पर आईटी एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यह मामला गंगौर थाना क्षेत्र के एक गांव में बीते दिनों चार वर्षीय नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थिति में हुई हत्या से जुड़ा है। आशंका है कि बच्ची के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसी मामले को राजनीतिक रंग देते हुए कुछ लोगों द्वारा समाहरणालय में हंगामा किया गया। एसआईटी का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की गहन जांच करेगी। आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई समाहरणालय के समक्ष हुए प्रदर्शन को लेकर आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि राजेन्द्र चौक पर प्रदर्शन के दौरान तैनात ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय पर सूचना नहीं दी गई, जिससे हालात बिगड़े। इसे इंटेलिजेंस फेल्योर मानते हुए कार्रवाई की गई है। चार थानाध्यक्षों से मांगा गया स्पष्टीकरण एसपी ने बताया कि जिन थाना क्षेत्रों से प्रदर्शनकारी आए थे, उन चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही संबंधित गांव के चौकीदार से भी जवाब तलब किया गया है।एसपी राकेश कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि“कुछ लोगों की वजह से जिले की छवि खराब हुई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


