बीएन कॉलेज में हंगामा, प्राचार्य और छात्रसंघ प्रतिनिधि ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

बीएन कॉलेज में हंगामा, प्राचार्य और छात्रसंघ प्रतिनिधि ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

बीएन कॉलेज में शनिवार को छात्र नेताओं के हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्राचार्य प्रो. राजकिशोर प्रसाद और पीयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार ने एक-दूसरे पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। डॉ. प्रसाद ने पीरबहोर थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर अभिषेक और पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत की है। प्राचार्य का आरोप है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में छात्र जबरन घुसे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जबरन किसी छात्र का सेंटअप कराने का दबाव बनाया। वहीं, अभिषेक ने कहा कि छात्र को कोई समस्या होगी तो प्राचार्य के पास लेकर जाना हमारा काम है। उन्होंने भी गलत भाषा का प्रयोग किया। जानबूझ कर एक छात्र का सेंटअप रोका गया है। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जिनकी 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं है। अगर ऐसा है तो सबका सेंटअप क्यों नहीं रोका गया। उन्होंने छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उधर, प्राचार्य ने थाने को दिए आवेदन में कहा है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में अभिषेक कुमार अपने कुछ साथियों और अज्ञात लोगों के साथ जबरन घुस आए। वे अनुत्तीर्ण या नॉट सेंटअप छात्रों को परीक्षा में शामिल कराने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान अमर्यादित व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। बैठक स्थगित करनी पड़ी। ​हंगामे की दूसरी घटना परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान हुई। प्राचार्य के मुताबिक कॉलेज के पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी ने बाहरी तत्वों के साथ परीक्षा कक्ष में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। शिक्षकों को धमकाया। ​इन दोनों घटनाओं को ​प्राचार्य डॉ. राजकिशोर ने शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश बताया है। सुरक्षा की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि पटना विवि के कुलपति और कुलानुशासक को भी भेजी है। बीएन कॉलेज में शनिवार को छात्र नेताओं के हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्राचार्य प्रो. राजकिशोर प्रसाद और पीयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार ने एक-दूसरे पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। डॉ. प्रसाद ने पीरबहोर थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर अभिषेक और पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी समेत अन्य के खिलाफ शिकायत की है। प्राचार्य का आरोप है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में छात्र जबरन घुसे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जबरन किसी छात्र का सेंटअप कराने का दबाव बनाया। वहीं, अभिषेक ने कहा कि छात्र को कोई समस्या होगी तो प्राचार्य के पास लेकर जाना हमारा काम है। उन्होंने भी गलत भाषा का प्रयोग किया। जानबूझ कर एक छात्र का सेंटअप रोका गया है। जबकि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जिनकी 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं है। अगर ऐसा है तो सबका सेंटअप क्यों नहीं रोका गया। उन्होंने छात्रों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उधर, प्राचार्य ने थाने को दिए आवेदन में कहा है कि विभागाध्यक्षों की बैठक में अभिषेक कुमार अपने कुछ साथियों और अज्ञात लोगों के साथ जबरन घुस आए। वे अनुत्तीर्ण या नॉट सेंटअप छात्रों को परीक्षा में शामिल कराने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान अमर्यादित व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। कॉलेज प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। बैठक स्थगित करनी पड़ी। ​हंगामे की दूसरी घटना परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान हुई। प्राचार्य के मुताबिक कॉलेज के पूर्व छात्र प्रकाश तिवारी ने बाहरी तत्वों के साथ परीक्षा कक्ष में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। शिक्षकों को धमकाया। ​इन दोनों घटनाओं को ​प्राचार्य डॉ. राजकिशोर ने शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश बताया है। सुरक्षा की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि पटना विवि के कुलपति और कुलानुशासक को भी भेजी है।  

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