झांसी में यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज का विरोध अब और तेज होता नजर आ रहा है। बुधवार को यह विरोध सीधे झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से सांसद अनुराग शर्मा तक पहुंच गया। जैसे ही सांसद ने संसद के बजट सत्र को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा की, यूजर्स ने उनसे संसद में यूजीसी प्रावधानों का विरोध करने की मांग शुरू कर दी।
सांसद के पोस्ट पर कुछ ही देर में सैकड़ों कमेंट आ गए, जिनमें लोगों ने भाजपा और सरकार को घेरते हुए यूजीसी के मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की। कई यूजर्स ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई गई तो आगामी चुनाव में सवर्ण समाज दूरी बना सकता है। गौरतलब है कि झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद अनुराग शर्मा और झांसी सदर विधानसभा से विधायक रवि शर्मा—दोनों ही सवर्ण समाज से आते हैं। ऐसे में यूजीसी के खिलाफ झांसी समेत देशभर में चल रहे विरोध के बीच स्थानीय स्तर पर इन दोनों जनप्रतिनिधियों से सवर्ण समाज ने खुलकर समर्थन की अपेक्षा जताई है।
बजट सत्र की जानकारी देने आए, कमेंट बॉक्स में घिरे सांसद
सांसद अनुराग शर्मा ने बुधवार को अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए वे बजट सत्र 2026 के लिए दिल्ली प्रवास पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं और विकास की संभावनाओं को सदन के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर रखने के लिए वे पूरी तरह संकल्पित हैं।
हालांकि, पोस्ट सामने आते ही कमेंट बॉक्स में यूजीसी को लेकर विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने मांग की कि सांसद संसद में यूजीसी प्रावधानों का विरोध करें और सरकार के सामने सवर्ण समाज की बात मजबूती से रखें।
पूर्व शिक्षा मंत्री रविंद्र शुक्ल का भाजपा पर तीखा हमला
वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री रविंद्र शुक्ल लगातार यूजीसी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने भाजपा के “बटोगे तो कटोगे” नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश तभी बचेगा जब सनातन बचेगा और सनातन तभी बचेगा जब उसे मानने वाले एकजुट रहेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यूजीसी के नए प्रावधान लाकर समाज में खाई पैदा कर रही है। रविंद्र शुक्ल ने कहा कि पहले भाजपा खुद “बटोगे तो कटोगे” का नारा देती है और अब उसी नारे पर खुद ही पानी फेर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा राष्ट्रवाद की राजनीति छोड़कर जाति की राजनीति करेगी, तो उसके परिणाम न सिर्फ पार्टी बल्कि पूरे सनातन समाज को भुगतने पड़ेंगे।


