बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के बेटे सजीब वाजेद जॉय (Sajeeb Wazed Joy) अक्सर ही देश की अंतरिम सरकार पर निशाना साधते हैं। अब उन्होंने 12 फरवरी को देश में होने वाले आगामी चुनाव निशाना साधते हुए इसके विषय में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी का चुनाव एक पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सिर्फ एक ड्रामा है और इसे रचा गया है।
यूनुस सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
सजीब ने यूनुस सरकार पर आरोप लगाया कि बांग्लादेश में होने वाले चुनाव सिर्फ एक धांधली मात्र है। सजीब के अनुसार देश के आगामी चुनाव जमात समर्थित यूनुस सरकार द्वारा रचा गया ड्रामा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जुलाई-अगस्त 2024 में चरमपंथी कट्टरपंथी ताकतों ने आम छात्रों को मोहरा बनाकर सत्ता हथियाई थी, उसी रणनीति को फिर से अपनाया जा रहा है।
कट्टरपंथ स्थापित करने का हथियार
सजीब ने कहा, “यूनुस सरकार चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव नहीं बनाना चाहती। यूनुस सरकार चुनाव को सिर्फ कट्टरपंथ स्थापित करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। बांग्लादेश में बैलेट बॉक्स मायने नहीं रखता, बल्कि पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट मायने रखती है। लोगों की राय नहीं, बल्कि यूनुस की पहले से तय योजना ही अंतिम फैसला है।”
जानबूझकर अवामी लीग को रखा गया चुनाव से दूर
सजीब ने आगे कहा, “इस चुनाव से बांग्लादेश अवामी लीग, जो आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वाली पार्टी है, को जानबूझकर बाहर रखा गया है। यह कभी भी लोगों का चुनाव नहीं हो सकता। यह सिर्फ सत्ता हथियाने की एक चाल है, देश पर कब्ज़ा करने की एक साज़िश है। सत्ता में आने के बाद से अवैध जमात समर्थित यूनुस ने एक संगठित देश को विनाश की ओर धकेल दिया है। अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव सभी खतरे में हैं। कट्टरपंथ और उग्रवाद के लिए जगह बनाना उनका मुख्य उद्देश्य बन गया है।”
देश की जनता से की अपील
सजीब ने देश की जनता से अपील करते हुए कहा कि बांग्लादेश के हर माता-पिता की ज़िम्मेदारी है कि वो अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रगतिशील बांग्लादेश सुनिश्चित करें। उस ज़िम्मेदारी को पूरा करने के लिए, कट्टरपंथ को ना कहना होगा, उग्रवाद को ना कहना होगा और इस धांधली वाले चुनाव को भी ना कहना होगा। सजीब ने यह भी साफ किया कि यह वोट बहिष्कार की अपील नहीं है बल्कि देश को बचाने की अपील है। यह किसी पार्टी के हित की बात नहीं है; यह बांग्लादेश के भविष्य की बात है। उन्होंने जनता से धांधली वाले चुनाव का बहिष्कार करने की अपील की।


