UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। चिलचिलाती धूप और बढ़ती गर्मी के बीच अब राहत की खबर सामने आई है, लेकिन इसके साथ ही कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 27 मार्च से राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के कारण पूरे प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 29 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होगा बदलाव का दौर
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 27 मार्च को पहले विक्षोभ का असर दिखाई देगा। इसकी शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बूंदाबांदी के साथ होगी और धीरे-धीरे इसका दायरा राज्य के पूर्वी हिस्सों तक फैल जाएगा। यह बदलाव न केवल गर्मी से राहत देगा, बल्कि वातावरण में नमी की मात्रा को भी बढ़ाएगा।
तापमान में होगी भारी गिरावट
मौसम विभाग की मानें तो 29 मार्च को दूसरा पश्चिमी विक्षोभ अधिक तीव्रता के साथ सक्रिय होगा। इस दौरान प्रदेश भर में अच्छी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस मौसमी हलचल का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा, जिससे प्रदेश का अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है। यह गिरावट लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दिलाएगी।
आज का तापमान और गर्मी का असर
पिछले 24 घंटों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई है। मंगलवार को प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ पारा 35.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, वाराणसी में 35.2 डिग्री और झांसी में 34.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, अगले दो दिनों तक गर्मी का यह दौर जारी रह सकता है, लेकिन 27 मार्च से बारिश के साथ ही तापमान में तेजी से गिरावट शुरू हो जाएगी।
किसानों की चिंता और फसल पर असर
यह बारिश सामान्य जनजीवन के लिए तो सुखद है, लेकिन किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। रबी की फसल, विशेषकर गेहूं और सरसों, इस समय कटाई के अंतिम चरण में है। अगर बारिश सामान्य रहती है तो यह फायदेमंद हो सकती है, लेकिन यदि बारिश अत्यधिक हुई तो खेतों में कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे कटाई की प्रक्रिया बाधित होने की पूरी संभावना है।
सावधानी और सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। 27 से 29 मार्च के बीच, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभों के पास न जाने और खुले खेतों में पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। आने वाले 48 घंटों में विभाग स्थिति की समीक्षा कर नई चेतावनी भी जारी कर सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुकूल तैयारी रखने को कहा है।


