UP Government Plans Comprehensive Development: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 12,492 ऐसे गांवों को चिन्हित किया है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है। इन गांवों में सरकार हर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल लाइब्रेरी, शवदाह गृह, पेयजल, शौचालय, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, बोरवेल और मोटर शेड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसका विस्तृत खाका तैयार हो चुका है। सरकार का उद्देश्य इन गांवों के लोगों को समान जीवन स्तर देना है, ताकि उनका जीवन सामान्य ग्रामीण इलाकों की तुलना में किसी भी तरह से पीछे न रहे। इसके साथ ही ये गांव सरकारी जन कल्याणकारी योजनाओं से पूरी तरह जुड़े रहेंगे।
गांवों में विकास की प्राथमिकताएं
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने बताया कि समाज कल्याण के तहत इन 12,492 गांवों में से 2,562 ग्रामों में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 910 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य में काम लगातार जारी है।
मुख्य विकास कार्यों में शामिल हैं
- डिजिटल लाइब्रेरी – ग्रामीण युवाओं और छात्रों को आधुनिक शिक्षा और जानकारी तक पहुँच।
- शवदाह गृह – सामाजिक और धार्मिक सुविधाओं का समावेश।
- पेयजल की बेहतर व्यवस्था – गांव में हर घर तक स्वच्छ जल उपलब्ध।
- विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण – स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार।
- सोलर लाइट और स्ट्रीट लाइट – सुरक्षित और रोशन गांव।
- बोरवेल और मोटर शेड – कृषि और जल आपूर्ति में सुविधा।
सरकार का उद्देश्य है कि इन गांवों का आधुनिक और समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो और लोग विकास की मुख्य धारा में शामिल हों।
योजना का महत्व और सामाजिक प्रभाव
इन गांवों का चयन अनुसूचित जाति की आबादी के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य सामाजिक समावेशन और पिछड़े वर्गों के उत्थान को सुनिश्चित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लंबे समय तक विकास को बाधित किया है। अब सरकार की यह योजना इन समस्याओं को दूर करने का काम करेगी।
- डिजिटल लाइब्रेरी: युवाओं को तकनीकी और शैक्षिक संसाधनों तक पहुँच।
- शवदाह गृह: धार्मिक और सामाजिक कार्यों की सुविधा।
- स्वच्छता और पेयजल: स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार।
- सोलर लाइट और स्ट्रीट लाइट: रात में सुरक्षा और सड़क की रोशनी।
इस योजना से न केवल सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सामाजिक जागरूकता भी बढ़ेगी।
सरकार की योजना और कार्य की प्रगति
सरकार ने योजना का विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 12,492 गांवों में से 2,562 ग्रामों में विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है। 910 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है। बाकी ग्रामों में निर्माण और स्थापना के कार्य चल रहे हैं। प्रत्येक ग्राम में कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। प्रबंध निदेशक शिव प्रसाद ने बताया कि सभी विकास कार्य नियमित निगरानी और प्रबंधन के तहत किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक गांव में सभी मूलभूत सुविधाएं समान रूप से और समय पर उपलब्ध हों।
ग्रामीणों के लिए लाभ
इस योजना से ग्रामीणों को कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे:
- शिक्षा: डिजिटल लाइब्रेरी और स्कूल सुविधाओं से बच्चों और युवाओं की पढ़ाई में सुधार।
- स्वास्थ्य: शौचालय और स्वच्छ पेयजल से बीमारियों में कमी।
- सामाजिक सुविधाएं: शवदाह गृह और मोटर शेड से ग्रामीण जीवन में सुविधा।
- सुरक्षा: सोलर लाइट और स्ट्रीट लाइट से सड़क और घरों की सुरक्षा।
- कृषि और जल प्रबंधन: बोरवेल और मोटर शेड से पानी की उपलब्धता और कृषि कार्य में सुधार।
इस प्रकार यह योजना ग्रामीण जीवन को आधुनिक और समृद्ध बनाने का काम करेगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल स्पष्ट रूप से समान विकास और सामाजिक समावेशन को दर्शाती है। अनुसूचित जाति की आबादी वाले गांवों को चिन्हित करके उन्हें हर सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
- सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित हो।
- योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।
- प्रत्येक ग्राम में विकास कार्य पारदर्शी और समय पर संपन्न होंगे।
शिव प्रसाद ने कहा कि यह योजना सभी जिलों में तेजी से लागू की जाएगी और ग्रामीण जीवन को समान स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।


