UP: गरज-चमक के साथ टूट कर बरसेंगे मेघ! 31 और 1 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट

UP: गरज-चमक के साथ टूट कर बरसेंगे मेघ! 31 और 1 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चलेगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश वेदर अपडेट (Uttar Pradesh Weather Update)

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव से प्रदेश में 31 मार्च से 1 अप्रैल तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। इस दौरान पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। हालांकि कई जगहों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे से लेकर 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

Weather News: पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान होने की संभावना

मौसम विभाग की माने तो इस दौरान तेज हवाओं से कमजोर मकानों, पेड़ों और होर्डिंग्स को नुकसान होने की संभावना है। वहीं, वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम में घर के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें।

Climate Change Rain: उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट

वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। इस वजह से किसानों को सलाह दी गई है कि पकी फसलों की समय पर कटाई करें और खड़ी फसलों को सहारा दें।

उत्तराखंड वेदर अपडेट (Uttarakhand Weather Update)

उत्तराखंड की बात करें तो मौसम विभाग के मुताबिक, 31 मार्च से 1 अप्रैल तक उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश (3500m व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में) की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

बता दें कि लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के साथ उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने की वजह से मार्च के आखिरी दिनों में भी पहाड़ों पर ठंड और बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई नजर आ रही है। इस वजह से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं।

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