यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी माह में प्रस्तावित हैं। इन परीक्षाओं के लिए विभाग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में ही आयोजित की जाएं। साथ ही, परीक्षा से संबंधित सभी दस्तावेज और उत्तर पुस्तिकाएं एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाएंगी। इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दूसरे चरण में 2 से 9 फरवरी के बीच आयोजित होंगी। बोर्ड ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन परीक्षाओं को सीसीटीवी की निगरानी में संपन्न कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मुख्य बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के लिए जिले में कुल 77 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,786 और इंटरमीडिएट के लगभग 23,646 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं से संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं सहित सभी आवश्यक अभिलेखों को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि अंक निर्धारण या परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी छात्र द्वारा आपत्ति दर्ज कराने पर इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा सके। डीआईओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने और परीक्षार्थियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए कई बैठकें की हैं।


