उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी प्रश्न पत्रों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। यूट्यूब चैनलों और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्री-बोर्ड व अन्य कथित लीक प्रश्न पत्रों की शिकायतें मिलने के बाद परिषद ने संबंधित चैनलों को तत्काल सामग्री हटाने का अल्टीमेटम दिया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 15 लाख तक जुर्माना और दो साल की जेल की सजा का प्रावधान है।परिषद के सचिव भगवती सिंह ने शुक्रवार को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि छात्रों को गुमराह करने वाली ऐसी अनाधिकृत सामग्री सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। यूपी बोर्ड की आगामी परीक्षाओं (फरवरी-मार्च 2026) से पहले प्री-बोर्ड पेपर सहित कई फर्जी सैंपल पेपर वायरल हो चुके हैं, जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। शिकायतों के आधार पर जांच शुरू हो गई है और दोषी चैनलों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।सचिव ने स्पष्ट किया कि ये फर्जी पेपर न केवल परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि छात्रों में तनाव और गलत तैयारी का कारण भी बन रहे हैं। उन्होंने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अपील की है कि ऐसी भ्रामक सामग्री को 24 घंटे के अंदर हटा लें वरना आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होगा। जुर्माने की राशि 15 लाख रुपये तक और सजा अधिकतम दो वर्ष की कैद तक हो सकती है।


