उत्तर प्रदेश विधानसभा की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। समिति के सभापति डॉ. रतनपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक मामलों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए गए। सभापति ने अधूरी योजनाओं को तत्काल पूरा करने और लंबित मामलों का अविलंब निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य होने चाहिए। बैठक के दौरान चालू वित्तीय वर्ष में संचालित सरकारी योजनाओं की विभागवार प्रगति का आकलन किया गया। इसमें दिसंबर 2025 तक स्वीकृत बजट, खर्च की स्थिति और विभागों को अपेक्षित धनराशि न मिलने पर उनके प्रयासों की जानकारी ली गई। योजनाओं के लक्ष्य, उपलब्धियों और कमियों के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी पुलिस अधीक्षक से ली गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान गोल्डन कार्ड की समीक्षा के दौरान, जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष बने कार्डों की संख्या और प्राप्त आवेदनों के आधार पर कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में बेसिक शिक्षा अधिकारी से 19 पैरामीटर में आने वाले विद्यालयों, फर्नीचर और विद्युतीकरण की स्थिति तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत आने वाले कार्यों के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, औषधि निरीक्षक और अधीक्षण अभियंता विद्युत अनुपस्थित पाए गए, जिनके लिए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विजय बहादुर पाठक, सर्वेश चंद्र गुप्ता, जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र, पुलिस अधीक्षक इलामारन जी, मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश और जिला विकास अधिकारी उमेश चंद्र तिवारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


