भागलपुर में बेमौसम बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर:आंधी से गेहूं-मक्के की फसल बर्बाद; बिजली विभाग के फ्यूज कॉल सेंटर में 1 हजार से ज्यादा शिकायत

भागलपुर में बेमौसम बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर:आंधी से गेहूं-मक्के की फसल बर्बाद; बिजली विभाग के फ्यूज कॉल सेंटर में 1 हजार से ज्यादा शिकायत

भागलपुर में जिलों में दो दिनों हुई बारिश और आंधी से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से न केवल आम जन-जीवन पटरी से उतर गया, बल्कि किसानों और बिजली विभाग को भी भारी चपत लगी है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, मक्का और दलहन की फसलों के साथ-साथ आम, लीची के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार शाम से शुरू हुए बारिश के बाद अगले 24 घंटों के अंदर फ्यूज कॉल सेंटर में बड़ी संख्या में शिकायतें आई। शहरी और सुल्तानगंज क्षेत्र को मिलाकर 900 से अधिक, जबकि ग्रामीण इलाकों से 112 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई। इनमें से अधिकांश मामले पोल से बिजली मीटर तक सप्लाई न पहुंचने का था। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, आंधी के कारण शहर से लेकर गांव तक तकनीकी खराबी (फॉल्ट) की समस्या बनी रही। आंधी से चार ट्रांसफार्मर गिर गए शहरी क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि करीब 30 जगहों पर 11 और 33 हजार केवी के तारों पर पेड़ों की टहनियां और कपड़े गिरने से शॉर्ट सर्किट हुआ। लगभग 35 इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, पूर्वी क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार रंजन ने बताया कि सबौर, पीरपैंती और विक्रमशिला जैसे इलाकों में चार ट्रांसफार्मर गिर गए और 14 से अधिक बिजली के पोल झुक गए, जिससे आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर करने के लिए बिजली विभाग के अभियंता और कर्मी देर रात तक फॉल्ट का पता लगाते रहे। पेड़ों की टहनियों की छंटाई की गई और क्षतिग्रस्त इंसुलेटर बदलकर फीडरों को बारी-बारी से चालू किया गया। शनिवार को बिजली आपूर्ति सुचारू करने के उद्देश्य से कई क्षेत्रों में पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम जारी रहा। आंधी-बारिश ने फसलों को भारी नुकसान जिले में शुक्रवार शाम से शुरू हुई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अवग-अलग प्रखंडों में गेहूं, मक्का और दलहनी फसलें (जैसे मसूर और चना) खराब हो गए। खेत में तैयार खड़ी फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई, जिससे पैदावार घटने और दाने काले पड़ने की आशंका है। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि जिले में आंधी-बारिश से किसानों का भारी मात्रा में फसल क्षतिग्रस्त हुआ है। टीम बनाकर फसल क्षतिग्रस्त का आकलन कराएंगे। भागलपुर में जिलों में दो दिनों हुई बारिश और आंधी से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा से न केवल आम जन-जीवन पटरी से उतर गया, बल्कि किसानों और बिजली विभाग को भी भारी चपत लगी है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, मक्का और दलहन की फसलों के साथ-साथ आम, लीची के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार शाम से शुरू हुए बारिश के बाद अगले 24 घंटों के अंदर फ्यूज कॉल सेंटर में बड़ी संख्या में शिकायतें आई। शहरी और सुल्तानगंज क्षेत्र को मिलाकर 900 से अधिक, जबकि ग्रामीण इलाकों से 112 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई। इनमें से अधिकांश मामले पोल से बिजली मीटर तक सप्लाई न पहुंचने का था। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, आंधी के कारण शहर से लेकर गांव तक तकनीकी खराबी (फॉल्ट) की समस्या बनी रही। आंधी से चार ट्रांसफार्मर गिर गए शहरी क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि करीब 30 जगहों पर 11 और 33 हजार केवी के तारों पर पेड़ों की टहनियां और कपड़े गिरने से शॉर्ट सर्किट हुआ। लगभग 35 इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, पूर्वी क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार रंजन ने बताया कि सबौर, पीरपैंती और विक्रमशिला जैसे इलाकों में चार ट्रांसफार्मर गिर गए और 14 से अधिक बिजली के पोल झुक गए, जिससे आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर करने के लिए बिजली विभाग के अभियंता और कर्मी देर रात तक फॉल्ट का पता लगाते रहे। पेड़ों की टहनियों की छंटाई की गई और क्षतिग्रस्त इंसुलेटर बदलकर फीडरों को बारी-बारी से चालू किया गया। शनिवार को बिजली आपूर्ति सुचारू करने के उद्देश्य से कई क्षेत्रों में पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम जारी रहा। आंधी-बारिश ने फसलों को भारी नुकसान जिले में शुक्रवार शाम से शुरू हुई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अवग-अलग प्रखंडों में गेहूं, मक्का और दलहनी फसलें (जैसे मसूर और चना) खराब हो गए। खेत में तैयार खड़ी फसलें तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई, जिससे पैदावार घटने और दाने काले पड़ने की आशंका है। जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि जिले में आंधी-बारिश से किसानों का भारी मात्रा में फसल क्षतिग्रस्त हुआ है। टीम बनाकर फसल क्षतिग्रस्त का आकलन कराएंगे।  

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