मालदा बंधक कांड मामले पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चिंता जाताई है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने इस घटना के बारे में सनसनीखेज खुलासा किया है।
पश्चिम बंगाल के मालदा बंधक कांड मामले पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Union Minister Sukanta Majumdar) ने चिंता जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना के संबंध में सनसनीखेज खुलासा किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मालदा में जो घटना घटी, वो देश के लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा चैलेंज है। चुनाव आयोग को इसको सख्ती से संभालना चाहिए।
मालदा बंधक कांड के पीछे बड़ा षड्यंत्र
केंद्रीय मंत्री ने सुकांत मजूमदार ने कहा कि मालदा बंधक कांड के पीछे बड़ा षड्यंत्र हो सकता है। इस घटन की सही से जांच की जानी चाहिए। NIA इस घटना की जांच कर रही है। इसके पीछे कौन सा रिमोड कंट्रोल है, उसके बारे में लोगों को पता चलना चाहिए। सुकांत मजूमदार ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बड़ी चालाकी से काम करती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने किया सनसनीखेज खुलासा
मालदा बंधक कांड मामले में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने बड़ा खुलासा किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मालदा बंधक कांड के पीछे बड़ा षड्यंत्र है। देश की जनता जानती है और चुनाव आयोग भी समझ गया है। कोर्ट भी समझ गया है कि ममता बनर्जी क्या कर सकती हैं? इस घटना के पीछे ममता बनर्जी और TMC का हाथ है। घटना की जांच होने पर सब पता चल जाएगा।
BJP नेता सीपी सिंह बोले- पश्चिम बंगाल में सरकार नाम की कोई चीज नहीं
मालदा बंधक कांड मामले पर BJP नेता सीपी सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, वहां तो सिर्फ हिंसा है। सीपी सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी के इशारे पर वहां एक समुदाय विशेष के लोगों ने मिलकर न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया। इस घटना को उच्चतम न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
मालदा की घटना पर क्या बोले त्रिपुरा के पूर्व CM?
BJP सांसद और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने मालदा की घटना पर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बिप्लब देब ने कहा कि ममता बनर्जी एक फैमिली बिजनेस चला रही हैं। वह नहीं चाहतीं कि लोग चुनाव में वोट करें। चुनाव आयोग पक्का कर रहा है कि लोग बाहर आकर वोट करें।
क्या है पूरा मामला?
बीते बुधवार को मालदा के कालियाचक में SIR का काम चल रहा था। इस दौरान कुछ लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जाने पर भीड़ उग्र हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 3 महिला अधिकारियों सहित कुल 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक एक ब्लॉक ऑफिस में बंधक बनाकर रखा। बंधक बनाने के बाद अधिकारियों को खाना-पीना नहीं दिया गया।
अब तक क्या हुई कार्रवाई?
उत्तर बंगाल के ADG के. जयरामन के मुताबिक, मालदा बंधक कांड में अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बीते दिन मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को CID ने गिरफ्तार किया था। ADG ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। NIA की टीम कोलकाता से मालदा पहुंच चुकी है और जांच आगे बढ़ा रही है।


