‘केंद्रीय बजट से बिहार में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर’:मंत्री संजय टाइगर बोले- 20 नए जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव, कुटीर उद्योग-शहरों के विकास पर फोकस

‘केंद्रीय बजट से बिहार में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर’:मंत्री संजय टाइगर बोले- 20 नए जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव, कुटीर उद्योग-शहरों के विकास पर फोकस

केंद्र और राज्य सरकार के बजट 2026-27 को लेकर भारतीय जनता पार्टी भोजपुर की ओर से रविवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गा राज ने की। बिहार सरकार के श्रम संसाधन, युवा रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री संजय टाइगर ने इसे बिहार की प्रगति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूत करने वाला मील का पत्थर बताया। मंत्री संजय टाइगर ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा केंद्र सरकार की आर्थिक रणनीति का मूल है और नया बजट घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। बजट का उद्देश्य विकसित भारत की मजबूत नींव रखना है और यह आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। केंद्र और बिहार सरकार दोनों के बजट में जीवन को आसान बनाने, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और घरेलू क्रय शक्ति मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो एनडीए सरकार की समग्र विकास की सोच को दर्शाते हैं। विकास के नए द्वार खुलेंगे मंत्री संजय टाइगर ने आगे कहा कि इस बजट में पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने की योजना शामिल है, जिससे नई औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीकी व गैर-तकनीकी दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 20 नए जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में है, जिसमें गंगा, गंडक, कोसी, घाघरा, सोन और पुनपुन नदियों के किनारे जल परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होगा और विकास के नए द्वार खुलेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से ग्रामीण कुटीर उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, नेशनल डिजिटल नॉलेज ग्रिड में बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को शामिल करने से पर्यटन, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनेंगी। बजट में दो और तीन टियर शहरों के विकास पर विशेष जोर है, जिससे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, गया और बिहारशरीफ जैसे शहरों का समग्र विकास होगा। साथ ही प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा भी की गई है। भारत सरकार के बजट में बिहार के लिए कुल एक लाख 62 हजार 142 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तीन लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष दुर्गा राज, जिला मीडिया प्रमुख संजय कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम रंजन चतुर्वेदी समेत कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। केंद्र और राज्य सरकार के बजट 2026-27 को लेकर भारतीय जनता पार्टी भोजपुर की ओर से रविवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दुर्गा राज ने की। बिहार सरकार के श्रम संसाधन, युवा रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री संजय टाइगर ने इसे बिहार की प्रगति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूत करने वाला मील का पत्थर बताया। मंत्री संजय टाइगर ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगा। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा केंद्र सरकार की आर्थिक रणनीति का मूल है और नया बजट घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है। बजट का उद्देश्य विकसित भारत की मजबूत नींव रखना है और यह आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। केंद्र और बिहार सरकार दोनों के बजट में जीवन को आसान बनाने, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और घरेलू क्रय शक्ति मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो एनडीए सरकार की समग्र विकास की सोच को दर्शाते हैं। विकास के नए द्वार खुलेंगे मंत्री संजय टाइगर ने आगे कहा कि इस बजट में पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने की योजना शामिल है, जिससे नई औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीकी व गैर-तकनीकी दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 20 नए जलमार्ग विकसित करने का प्रस्ताव भी बजट में है, जिसमें गंगा, गंडक, कोसी, घाघरा, सोन और पुनपुन नदियों के किनारे जल परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होगा और विकास के नए द्वार खुलेंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से ग्रामीण कुटीर उद्योगों को नया बाजार मिलेगा और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, नेशनल डिजिटल नॉलेज ग्रिड में बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को शामिल करने से पर्यटन, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनेंगी। बजट में दो और तीन टियर शहरों के विकास पर विशेष जोर है, जिससे पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, बेगूसराय, गया और बिहारशरीफ जैसे शहरों का समग्र विकास होगा। साथ ही प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा भी की गई है। भारत सरकार के बजट में बिहार के लिए कुल एक लाख 62 हजार 142 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तीन लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष दुर्गा राज, जिला मीडिया प्रमुख संजय कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम रंजन चतुर्वेदी समेत कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।  

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