अहमदाबाद. यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र के प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन (कालूपुर) पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रोनाल्ड लिन, आईकोमोस विशेषज्ञ एलिज़ाबेथ वाइन्स तथा मदन सिंह चौहान को प्रोजेक्ट के उस दृष्टिकोण से अवगत कराया गया, जिसके तहत आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ शहर की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का समन्वित संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान विशेष रूप से यह प्रस्तुति दी गई कि किस प्रकार परियोजना में केंद्रीय संरक्षित स्मारकों – ब्रिक मीनार एवं झूलता मीनार को संवेदनशील रूप से शामिल किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों को प्रमुखता प्रदान करते हुए उन्हें शहरी अनुभव का अभिन्न एवं आकर्षक हिस्सा बनाना है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रोजेक्ट की समावेशी एवं धरोहर-केंद्रित योजना की सराहना की। दोनों विशेषज्ञ ब्रिक मीनार एवं झूलता मीनार की विशिष्ट वास्तुकला से विशेष रूप से प्रभावित हुए तथा इस प्रोजेक्ट को विरासत-संवेदनशील संरचना विकास के क्षेत्र में एक आदर्श उदाहरण बनने की क्षमता वाला बताया।
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) की अहमदाबाद इकाई की ओर से प्रतिनिधिमंडल का रिएक्टिव मॉनिटरिंग मिशन के तहत स्वागत किया गया।
यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास कार्य का किया निरीक्षण


