‘खेलाें में अनुशासन व नियमों की समझ ज्यादा जरूरी‘:वाराणसी के BHU में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले प्रो. एके नेमा

‘खेलाें में अनुशासन व नियमों की समझ ज्यादा जरूरी‘:वाराणसी के BHU में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले प्रो. एके नेमा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिण परिसर बरकछा में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला “सॉफ्टबॉल में उन्नत नियम व्याख्यान, ऑफिशिएटिंग एवं कोचिंग तकनीक” का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन स्पोर्ट्स बोर्ड, आरजीएससी, बीएचयू द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं रेफरी की तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षताओं का विकास करना है। कार्यक्रम में नवीनतम नियमों, ऑफिशिएटिंग तकनीकों, कोचिंग पद्धतियों एवं खेल के व्यावहारिक पक्षों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. एके नेमा, महासचिव, स्पोर्ट्स बोर्ड, बीएचयू उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में खेलों में अनुशासन, नियमों की समझ एवं प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथियों के रूप में आईसीएमआर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली से पंकज सिंह तथा सेंट जोसेफ कॉलेज, बेंगलुरु के खेल निदेशक जितेंद्र मेवारा उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने अपने उद्बोधन में खेलों में वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पेशेवर दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत में सॉफ्टबॉल के बढ़ते महत्व तथा वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं मानकीकृत ऑफिशिएटिंग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बीएमएन कुमार, आर्चाय प्रभारी, आरजीएससी ने की। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं खेल संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यशाला की संयोजक किरण आर्या हैं, जिनके प्रयासों से इस कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया है। देशभर से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इस कार्यशाला को ज्ञान एवं कौशल विकास का एक महत्वपूर्ण मंच बना रही है। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. रजनी श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर, आरजीएससी, बीएचयू द्वारा किया गया। डॉ. कुलदीप बौद्ध ने आभार जताया।

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