आरबीएस योजना के तहत तीन मासूमों को मिलेगी नई जिंदगी:अहमदाबाद में होगा दिल का ऑपरेशन, पूरा खर्च सरकार देगी; प्लेन से भेजे गए मरीज और परिजन

आरबीएस योजना के तहत तीन मासूमों को मिलेगी नई जिंदगी:अहमदाबाद में होगा दिल का ऑपरेशन, पूरा खर्च सरकार देगी; प्लेन से भेजे गए मरीज और परिजन

समस्तीपुर जिले के तीन बच्चों को दिल के ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत नई जिंदगी मिलेगी। तीन साल की लक्ष्मी कुमारी के दिल में छेद है। पिता पंकज कुमार दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। घर की ऐसी स्थिति नहीं है की इसका उपचार किसी बड़े निजी अस्पताल में कराया जा सके। लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्क्रीनिंग के बाद लक्ष्मी का ऑपरेशन सरकार अपने खर्चे पर अहमदाबाद में कराएगी। लक्ष्मी के अलावा सिंघिया के अनुकूल और उजियारपुर के आदर्श कुमार को भी इस योजना के तहत दिल के ऑपरेशन से नई जिंदगी मिलेगी। तीनों बच्चों को राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से सोमवार को सड़क मार्ग से पटना ले जाया गया है। जहां से उसे हवाई जहाज से अहमदाबाद भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 25 दोनों का समय लगेगा। इस दौरान बच्चों के साथ उसके माता-पिता के रहने और खाने की भी व्यवस्था सरकार की ओर से होगी। ऑपरेशन का खर्च सरकार देगी जिला के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जन्मजात बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग बाद सरकार की ओर से ऑपरेशन कराया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार की सुबह सिलेक्ट किए गए तीन बच्चों को अहमदाबाद भेजा गया। जहां तीनों बच्चों का ऑपरेशन होगा। ऑपरेशन के अलावा कोई उपाय नहीं है हसनपुर प्रखंड के गिरजी निवासी पंकज कुमार ने बताया कि लक्ष्मी को जन्मजात दिन में छेद है। सांस लेने में परेशानी के बाद बचपन में ही इसे सरकारी अस्पताल लाया गया। जिसके बाद दरभंगा और पटना आईजीएमएस तक ले गए। जांच के बाद पता चला कि इसके दिल में छेद है। जिसका एक मात्र उपाय ऑपरेशन है। प्राइवेट अस्पताल में इस बीमारी का ऑपरेशन कराने में कम से कम दस लाख रुपए का खर्च होता है। इनके पास इतनी राशि नहीं है। वह खुद ऑपरेशन करा पाते। फिर इन्हें जानकारी मिली कि सरकारी अस्पताल पर इसका ऑपरेशन होता है। तब वह प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से संपर्क कर राज्य स्वास्थ्य समिति तक पहुंचे। कई स्तरों पर जांच के बाद इनका सलेक्शन किया गया है। मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं सिंघिया प्रखंड के पबड़ा गांव के राजकुमार ने बताया कि उनका पुत्र अनुकुल कुमार (डेढ़ वर्ष) जब मात्र तीन महीने का था तो अचानक इसका शरीर नीला पर गया। तुरंत पीएचसी पहुंचे, जहां से सदर अस्पताल भेजा गया। फिर दरभंगा और आईजीएमएस पटना भेजा गया। जांच के दौरान पता चला कि दिल के पास राइट साइड का नस ठीक है, लेकिन बाएं साइड का नस दबा हुआ है। जिस कारण खून का सरकुलेशन ठीक से नहीं हो रहा है। इसका उपाय ऑपरेशन है। निजी अस्पताल में 8-10 लाख रुपए खर्च होगा। वह समान्य मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। बाद में जानकारी मिली कि आरबीएस योजना के तहत जन्मजात बीमारी का उपचार कराया जाता है। अब उनके पुत्र को आपॅरेशन के लिए भेजा जा रहा है। पीएचसी से योजना के बारे में जानकारी मिली इसी तरह रायपुर उजियारपुर के राजेश पासवान के पुत्र आदर्श कुमार(7) के दिल में भी छेद है। पिता ने बताया कि बेटा जब दो साल का था, तब निजी स्तर पर चेन्नई में ऑपरेशन कराए थे। करीब दस लाख रु़पए खर्च हुआ। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फिर से आपरेशन के लिए बुलाया गया। अब उनके पास उतनी राशि नहीं है। खेती में दिहाड़ी कर जीवन यापन करते हैं। पीएचसी से इस योजना के बारे में जानकारी मिली। स्क्रीनिंग के बाद बच्चे को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अहमदाबाद ऑपरेशन के लिए भेजा जा रहा है। समस्तीपुर जिले के तीन बच्चों को दिल के ऑपरेशन के लिए अहमदाबाद भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत नई जिंदगी मिलेगी। तीन साल की लक्ष्मी कुमारी के दिल में छेद है। पिता पंकज कुमार दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। घर की ऐसी स्थिति नहीं है की इसका उपचार किसी बड़े निजी अस्पताल में कराया जा सके। लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्क्रीनिंग के बाद लक्ष्मी का ऑपरेशन सरकार अपने खर्चे पर अहमदाबाद में कराएगी। लक्ष्मी के अलावा सिंघिया के अनुकूल और उजियारपुर के आदर्श कुमार को भी इस योजना के तहत दिल के ऑपरेशन से नई जिंदगी मिलेगी। तीनों बच्चों को राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से सोमवार को सड़क मार्ग से पटना ले जाया गया है। जहां से उसे हवाई जहाज से अहमदाबाद भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 25 दोनों का समय लगेगा। इस दौरान बच्चों के साथ उसके माता-पिता के रहने और खाने की भी व्यवस्था सरकार की ओर से होगी। ऑपरेशन का खर्च सरकार देगी जिला के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जन्मजात बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग बाद सरकार की ओर से ऑपरेशन कराया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार की सुबह सिलेक्ट किए गए तीन बच्चों को अहमदाबाद भेजा गया। जहां तीनों बच्चों का ऑपरेशन होगा। ऑपरेशन के अलावा कोई उपाय नहीं है हसनपुर प्रखंड के गिरजी निवासी पंकज कुमार ने बताया कि लक्ष्मी को जन्मजात दिन में छेद है। सांस लेने में परेशानी के बाद बचपन में ही इसे सरकारी अस्पताल लाया गया। जिसके बाद दरभंगा और पटना आईजीएमएस तक ले गए। जांच के बाद पता चला कि इसके दिल में छेद है। जिसका एक मात्र उपाय ऑपरेशन है। प्राइवेट अस्पताल में इस बीमारी का ऑपरेशन कराने में कम से कम दस लाख रुपए का खर्च होता है। इनके पास इतनी राशि नहीं है। वह खुद ऑपरेशन करा पाते। फिर इन्हें जानकारी मिली कि सरकारी अस्पताल पर इसका ऑपरेशन होता है। तब वह प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से संपर्क कर राज्य स्वास्थ्य समिति तक पहुंचे। कई स्तरों पर जांच के बाद इनका सलेक्शन किया गया है। मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं सिंघिया प्रखंड के पबड़ा गांव के राजकुमार ने बताया कि उनका पुत्र अनुकुल कुमार (डेढ़ वर्ष) जब मात्र तीन महीने का था तो अचानक इसका शरीर नीला पर गया। तुरंत पीएचसी पहुंचे, जहां से सदर अस्पताल भेजा गया। फिर दरभंगा और आईजीएमएस पटना भेजा गया। जांच के दौरान पता चला कि दिल के पास राइट साइड का नस ठीक है, लेकिन बाएं साइड का नस दबा हुआ है। जिस कारण खून का सरकुलेशन ठीक से नहीं हो रहा है। इसका उपाय ऑपरेशन है। निजी अस्पताल में 8-10 लाख रुपए खर्च होगा। वह समान्य मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। बाद में जानकारी मिली कि आरबीएस योजना के तहत जन्मजात बीमारी का उपचार कराया जाता है। अब उनके पुत्र को आपॅरेशन के लिए भेजा जा रहा है। पीएचसी से योजना के बारे में जानकारी मिली इसी तरह रायपुर उजियारपुर के राजेश पासवान के पुत्र आदर्श कुमार(7) के दिल में भी छेद है। पिता ने बताया कि बेटा जब दो साल का था, तब निजी स्तर पर चेन्नई में ऑपरेशन कराए थे। करीब दस लाख रु़पए खर्च हुआ। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फिर से आपरेशन के लिए बुलाया गया। अब उनके पास उतनी राशि नहीं है। खेती में दिहाड़ी कर जीवन यापन करते हैं। पीएचसी से इस योजना के बारे में जानकारी मिली। स्क्रीनिंग के बाद बच्चे को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अहमदाबाद ऑपरेशन के लिए भेजा जा रहा है।  

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