नालंदा जिला प्रशासन ने एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश जारी किया है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि 17 से 21 जनवरी तक जिलेभर में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। प्रथम चरण में मिली सफलता के बाद दूसरा प्रयास फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम का प्रथम चरण 6 जनवरी से 11 जनवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया था। प्रथम चरण में प्राप्त अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर अब द्वितीय चरण को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ना है। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा किसान अपनी फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) का उपयोग कर सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, किसान स्वयं भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। दो विभागों का संयुक्त प्रयास इस महत्वाकांक्षी अभियान में कृषि विभाग के समस्त पदाधिकारी, कर्मचारी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतम संख्या में किसानों का पंजीकरण हो सके। एग्री स्टैक परियोजना का महत्व एग्री स्टैक परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इस पंजीकरण के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही, कृषि से संबंधित नीतियां बनाने में भी यह डेटा सहायक होगा। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। नालंदा जिला प्रशासन ने एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश जारी किया है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि 17 से 21 जनवरी तक जिलेभर में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। प्रथम चरण में मिली सफलता के बाद दूसरा प्रयास फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम का प्रथम चरण 6 जनवरी से 11 जनवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया था। प्रथम चरण में प्राप्त अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर अब द्वितीय चरण को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ना है। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा किसान अपनी फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) का उपयोग कर सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, किसान स्वयं भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। दो विभागों का संयुक्त प्रयास इस महत्वाकांक्षी अभियान में कृषि विभाग के समस्त पदाधिकारी, कर्मचारी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतम संख्या में किसानों का पंजीकरण हो सके। एग्री स्टैक परियोजना का महत्व एग्री स्टैक परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इस पंजीकरण के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही, कृषि से संबंधित नीतियां बनाने में भी यह डेटा सहायक होगा। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।


