सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड में गुरुवार को एक सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सहोरवा-जानकी नगर के बीच स्थित एक तीखे मोड़ वाले पुल पर हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यामाहा एफजेडएस बाइक पर सवार दोनों युवक पुल के खतरनाक मोड़ पर संतुलन खो बैठे। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे उछलकर सड़क के नीचे जा गिरे। घायलों की पहचान फरछहिया निवासी शाहनवाज दर्जी पुत्र मुस्ताक दर्जी और असलम दर्जी पुत्र सहमत दर्जी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को ई-रिक्शा के जरिए सोनबरसा अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनके पैरों में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें सीतामढ़ी रेफर करने की तैयारी चल रही है। इस हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। जानकी नगर के मिथिलेश यादव सहित कई ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों ने पुल के निर्माण पर सवाल उठाते हुए तीखे मोड़ को दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुल से पहले पर्याप्त दूरी पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने की भी मांग की। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह भी इसी पुल पर एक अन्य बाइक चालक हादसे का शिकार हुआ था, जिसे सिपाही चंदन और रवि सिंह ने अस्पताल पहुंचाया था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की उदासीनता लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड में गुरुवार को एक सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सहोरवा-जानकी नगर के बीच स्थित एक तीखे मोड़ वाले पुल पर हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यामाहा एफजेडएस बाइक पर सवार दोनों युवक पुल के खतरनाक मोड़ पर संतुलन खो बैठे। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे उछलकर सड़क के नीचे जा गिरे। घायलों की पहचान फरछहिया निवासी शाहनवाज दर्जी पुत्र मुस्ताक दर्जी और असलम दर्जी पुत्र सहमत दर्जी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को ई-रिक्शा के जरिए सोनबरसा अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनके पैरों में फ्रैक्चर की आशंका जताई गई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें सीतामढ़ी रेफर करने की तैयारी चल रही है। इस हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। जानकी नगर के मिथिलेश यादव सहित कई ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों ने पुल के निर्माण पर सवाल उठाते हुए तीखे मोड़ को दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुल से पहले पर्याप्त दूरी पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाने की भी मांग की। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह भी इसी पुल पर एक अन्य बाइक चालक हादसे का शिकार हुआ था, जिसे सिपाही चंदन और रवि सिंह ने अस्पताल पहुंचाया था। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की उदासीनता लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।


