भागलपुर के 30 साल के अभिषेक की हत्या मोबाइल की किस्त को लेकर नहीं, बल्कि मामा के अवैध संबंध के कारण हुई। दरअसल, मामा का किसी महिला से अफेयर था, जिसकी जानकारी अभिषेक को थी और वो अक्सर अपने मामा को धमकी देता था कि मामी को अफेयर की बात बता देगा। ब्लैकमेलिंग के कारण ही उसकी हत्या हुई। 23 दिसंबर से लापता अभिषेक की लाश 26 दिसंबर की देर रात आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया गया था। सिर और पैर गायब था, केवल धड़ मिला। हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, फिर जैकेट में बांध कर प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दफनाया गया था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड की तलाश थी, जिसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मृतक के मामा और हत्या के मास्टरमाइंड संतोष को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी मामा संतोष ने पुलिस को हत्या के पीछे की पूरी कहानी बताई। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे अपने अवैध संबंध के लिए मामा ने भांजे की जान ले ली…. मामा की गर्लफ्रेंड से बात करता था अभिषेक संतोष के मुताबिक, अभिषेक मेरी गर्लफ्रेंड से बातचीत करता था। वो मुझे बार-बार ब्लैकमेल करता था कि मैं मामी को इस बारे में सबकुछ बता दूंगा। संतोष ने ये भी बताया कि मैं अपने भांजा अभिषेक के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड का काम भी करता था। इसमें पैसे के लेनदेन को लेकर अभिषेक मुझसे झगड़ा करता था। संतोष के मुताबिक, इन दोनों वजहों से मैंने 2 लाख रुपए में 3 लोगों को भांजे अभिषेक की हत्या की सुपारी दी, इसके बाद उसकी निर्मम तरीके से हत्या करा दी। पहले अभिषेक की जांघ में गोली मारी गई। फिर हेक्सा ब्लेड से उसके दोनों पैरों को घुटने से ऊपर से काटकर अलग किया, फिर सिर को धड़ से अलग कर दिया। 4 साल से मामा के साथ रहकर काम कर रहा था अभिषेक कहलगांव थाना क्षेत्र के मकसपुर का रहने वाला था। वो नाथनगर के मसकन बरारीपुर में अपने मामा संतोष दास के यहां 4 साल से रहकर उसके कपड़े के कारोबार को संभाल रहा था। 23 दिसंबर की शाम 7 बजकर 35 मिनट पर अभिषेक अपने मामा संतोष के घर से निकला। घर से बाहर निकलने के बाद अभिषेक राधे और ऋतिक के बुलाने पर गया था। चूंकि हत्याकांड में शामिल राधे और ऋतिक से अभिषेक पहले से परिचित था। इसलिए उनके साथ ऑटो में बैठकर दोगच्छी की ओर चला गया। राधे और ऋतिक उसे ये कहकर ले गए थे कि एक बर्थडे पार्टी में जाना है। आरोपियों में शामिल राधे ऑटो ड्राइवर है, जबकि दूसरा ऋतिक पहले ऑटो चलाता था। बाद में छोड़ दिया था। अभिषेक की पहले ऋतिक से ही दोस्ती हुई थी। पुलिस को ऑटो वाले को पैसे देने की झूठी कहानी बताई थी हत्याकांड के सामने आने के बाद आरोपी के मामा ने पुलिस को दिए बयान में कहा भी था, ’23 दिसंबर को भांजा अभिषेक कुमार घर से निकला था। जाते समय उसने कहा कि ऑटो वाले को पैसे देकर आ रहे हैं। उसका कुछ 150 रुपए बाकी था। जब वापस नहीं लौटा था तो उसको फोन किया तो उसने कहा कि थोड़ी देर में आ रहे हैं। ठंड का समय था मेरी आंख लग गई। सुबह 4 बजे नींद खुली तो देखा कि मेरा भांजा बेड पर नहीं है। तुरंत उसको फोन किया। उसने कहा कि मैं जमालपुर में हूं। मैंने बोला क्यों गए हो वहां। तो वो बोला कि नहीं हम आ जाएंगे। हमने कहा कि तुम जिसके पास गए हो बात कराओ। वो बोला को थोड़ी देर में कराता हूं। इसके बाद फोन बंद हो गया। ‘ 24 दिसंबर को अभिषेक को गन पॉइंट पर रखकर मां, पिता और पत्नी से बात कराई 23 की रात जब राधे और ऋतिक अपने साथ अभिषेक को लेकर गए तो पहले उसे शराब पिलाई। फिर उसके साथ मारपीट की। 24 दिसंबर को सुबह साढ़े 7 बजे अभिषेक के नंबर पर उसकी पत्नी का कॉल आया। इससे पहले पिता धर्मेंद्र दास ने भी अभिषेक को कॉल किया था, पूछा तो कहा कि जमालपुर में हूं। मैंने कहा कि क्यों गए हो तो बोला कि दोस्त का बर्थडे है। मां और पत्नी से भी यही बात कही थी। फिर तीनों आरोपियों ने गन पॉइंट पर अभिषेक को लिया और पत्नी से बात भी कराई। इसके बाद मास्टरमाइंड के कहने पर तीनों ने हेक्सा ब्लेड से काटकर अभिषेक की हत्या कर दी। हत्या के एक घंटे बाद ऑटो में रख लाश गड्ढे में फेंका आरोपियों ने अभिषेक की लाश को तीन टुकड़ों में काटा। पहले दोनों पैर फिर सिर को अलग किया। इसके बाद बोरे में डेडबॉडी के तीनों पार्ट को भरा और एक ऑटो में रखकर शाहपुर पुलिया के पास पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर जमीन में छिपाकर रखे गए देसी कट्टा, अभिषेक का कड़ा और ब्लूटूथ बरामद किया है। पुलिस ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में यूज किए गए ऑटो को भी जब्त कर लिया है। 20 दिसंबर को ही रची गई हत्या की साजिश, मामा ने कबूला गुनाह पुलिस से पूछताछ में आरोपी मामा संतोष ने बताया कि अभिषेक की हत्या की साजिश 20 दिसंबर को ही रची गई थी। 2 लाख रुपए राधे को दिए थे, जिसने अभिषेक की जांघ में गोली मारी थी। इसके बाद मैं 24 को थाना गया था और मौखिक रूप से अभिषेक के लापता होने की जानकारी भी दी थी। पुलिस की ओर से लिखित आवेदन मांगे जाने पर मैं घबरा गया था। संतोष ने बताया कि अगले दो दिनों तक मैं अभिषेक के परिजन के साथ मिलकर अभिषेक को खोजता रहा। 26 दिसंबर को आखिरकार मैं परिजन के साथ नाथनगर थाने गया और खुद पुलिस को लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। अब जानिए आरोपी मामा तक कैसे पहुंची पुलिस अभिषेक के गायब होने के अगले दिन यानी 24 दिसंबर तक उसका मोबाइल ऑन था। मोबाइल की लोकेशन निकाली गई। फिर सीडीआर खंगाला गया। जिस जगह अभिषेक का मोबाइल लोकेशन था, वहां राधे और ऋतिक का भी मोबाइल लोकेशन दिखा था। फिर संदेह के आधार पर दोनों को उठाकर पूछताछ की गई। मामले में मुंगेर के आदित्य के भी शामिल होने की जानकारी मिली। डीएसपी-2 राकेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों राधे, ऋतिक और आदित्य की मृतक अभिषेक के मामा संतोष से कई बार बात हुई थी। इसकी जानकारी सीडीआर के जरिए मिली। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो तीनों ने पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद मुख्य आरोपी संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया गया। ———————— ये खबर भी पढ़ें 20 दिसंबर को प्लानिंग की, 2 लाख देकर मर्डर कराया:मास्टरमाइंड की गर्लफ्रेंड के करीब आ गया था अभिषेक, गोली मारने के बाद पैर-सिर काटा भागलपुर के नाथनगर इलाके में चार दिनों से लापता 30 साल के अभिषेक कुमार की बॉडी के तीन टुकड़े में मिली थी। सिर और पैर गायब था, केवल धड़ मिला। हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, फिर जैकेट में बांध कर प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दफनाया गया था। अभिषेक की हत्या की साजिश 20 दिसंबर को ही रची गई थी। गिरफ्तार किए गए राधे, ऋतिक और आयुष के अलावा चौथा आरोपी मास्टरमाइंड है, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। मास्टरमाइंड ने तीनों आरोपियों में से एक को 2 लाख रुपए की सुपारी दी थी। पूरी खबर पढ़ें भागलपुर के 30 साल के अभिषेक की हत्या मोबाइल की किस्त को लेकर नहीं, बल्कि मामा के अवैध संबंध के कारण हुई। दरअसल, मामा का किसी महिला से अफेयर था, जिसकी जानकारी अभिषेक को थी और वो अक्सर अपने मामा को धमकी देता था कि मामी को अफेयर की बात बता देगा। ब्लैकमेलिंग के कारण ही उसकी हत्या हुई। 23 दिसंबर से लापता अभिषेक की लाश 26 दिसंबर की देर रात आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया गया था। सिर और पैर गायब था, केवल धड़ मिला। हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, फिर जैकेट में बांध कर प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दफनाया गया था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड की तलाश थी, जिसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मृतक के मामा और हत्या के मास्टरमाइंड संतोष को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी मामा संतोष ने पुलिस को हत्या के पीछे की पूरी कहानी बताई। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे अपने अवैध संबंध के लिए मामा ने भांजे की जान ले ली…. मामा की गर्लफ्रेंड से बात करता था अभिषेक संतोष के मुताबिक, अभिषेक मेरी गर्लफ्रेंड से बातचीत करता था। वो मुझे बार-बार ब्लैकमेल करता था कि मैं मामी को इस बारे में सबकुछ बता दूंगा। संतोष ने ये भी बताया कि मैं अपने भांजा अभिषेक के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड का काम भी करता था। इसमें पैसे के लेनदेन को लेकर अभिषेक मुझसे झगड़ा करता था। संतोष के मुताबिक, इन दोनों वजहों से मैंने 2 लाख रुपए में 3 लोगों को भांजे अभिषेक की हत्या की सुपारी दी, इसके बाद उसकी निर्मम तरीके से हत्या करा दी। पहले अभिषेक की जांघ में गोली मारी गई। फिर हेक्सा ब्लेड से उसके दोनों पैरों को घुटने से ऊपर से काटकर अलग किया, फिर सिर को धड़ से अलग कर दिया। 4 साल से मामा के साथ रहकर काम कर रहा था अभिषेक कहलगांव थाना क्षेत्र के मकसपुर का रहने वाला था। वो नाथनगर के मसकन बरारीपुर में अपने मामा संतोष दास के यहां 4 साल से रहकर उसके कपड़े के कारोबार को संभाल रहा था। 23 दिसंबर की शाम 7 बजकर 35 मिनट पर अभिषेक अपने मामा संतोष के घर से निकला। घर से बाहर निकलने के बाद अभिषेक राधे और ऋतिक के बुलाने पर गया था। चूंकि हत्याकांड में शामिल राधे और ऋतिक से अभिषेक पहले से परिचित था। इसलिए उनके साथ ऑटो में बैठकर दोगच्छी की ओर चला गया। राधे और ऋतिक उसे ये कहकर ले गए थे कि एक बर्थडे पार्टी में जाना है। आरोपियों में शामिल राधे ऑटो ड्राइवर है, जबकि दूसरा ऋतिक पहले ऑटो चलाता था। बाद में छोड़ दिया था। अभिषेक की पहले ऋतिक से ही दोस्ती हुई थी। पुलिस को ऑटो वाले को पैसे देने की झूठी कहानी बताई थी हत्याकांड के सामने आने के बाद आरोपी के मामा ने पुलिस को दिए बयान में कहा भी था, ’23 दिसंबर को भांजा अभिषेक कुमार घर से निकला था। जाते समय उसने कहा कि ऑटो वाले को पैसे देकर आ रहे हैं। उसका कुछ 150 रुपए बाकी था। जब वापस नहीं लौटा था तो उसको फोन किया तो उसने कहा कि थोड़ी देर में आ रहे हैं। ठंड का समय था मेरी आंख लग गई। सुबह 4 बजे नींद खुली तो देखा कि मेरा भांजा बेड पर नहीं है। तुरंत उसको फोन किया। उसने कहा कि मैं जमालपुर में हूं। मैंने बोला क्यों गए हो वहां। तो वो बोला कि नहीं हम आ जाएंगे। हमने कहा कि तुम जिसके पास गए हो बात कराओ। वो बोला को थोड़ी देर में कराता हूं। इसके बाद फोन बंद हो गया। ‘ 24 दिसंबर को अभिषेक को गन पॉइंट पर रखकर मां, पिता और पत्नी से बात कराई 23 की रात जब राधे और ऋतिक अपने साथ अभिषेक को लेकर गए तो पहले उसे शराब पिलाई। फिर उसके साथ मारपीट की। 24 दिसंबर को सुबह साढ़े 7 बजे अभिषेक के नंबर पर उसकी पत्नी का कॉल आया। इससे पहले पिता धर्मेंद्र दास ने भी अभिषेक को कॉल किया था, पूछा तो कहा कि जमालपुर में हूं। मैंने कहा कि क्यों गए हो तो बोला कि दोस्त का बर्थडे है। मां और पत्नी से भी यही बात कही थी। फिर तीनों आरोपियों ने गन पॉइंट पर अभिषेक को लिया और पत्नी से बात भी कराई। इसके बाद मास्टरमाइंड के कहने पर तीनों ने हेक्सा ब्लेड से काटकर अभिषेक की हत्या कर दी। हत्या के एक घंटे बाद ऑटो में रख लाश गड्ढे में फेंका आरोपियों ने अभिषेक की लाश को तीन टुकड़ों में काटा। पहले दोनों पैर फिर सिर को अलग किया। इसके बाद बोरे में डेडबॉडी के तीनों पार्ट को भरा और एक ऑटो में रखकर शाहपुर पुलिया के पास पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर जमीन में छिपाकर रखे गए देसी कट्टा, अभिषेक का कड़ा और ब्लूटूथ बरामद किया है। पुलिस ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में यूज किए गए ऑटो को भी जब्त कर लिया है। 20 दिसंबर को ही रची गई हत्या की साजिश, मामा ने कबूला गुनाह पुलिस से पूछताछ में आरोपी मामा संतोष ने बताया कि अभिषेक की हत्या की साजिश 20 दिसंबर को ही रची गई थी। 2 लाख रुपए राधे को दिए थे, जिसने अभिषेक की जांघ में गोली मारी थी। इसके बाद मैं 24 को थाना गया था और मौखिक रूप से अभिषेक के लापता होने की जानकारी भी दी थी। पुलिस की ओर से लिखित आवेदन मांगे जाने पर मैं घबरा गया था। संतोष ने बताया कि अगले दो दिनों तक मैं अभिषेक के परिजन के साथ मिलकर अभिषेक को खोजता रहा। 26 दिसंबर को आखिरकार मैं परिजन के साथ नाथनगर थाने गया और खुद पुलिस को लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। अब जानिए आरोपी मामा तक कैसे पहुंची पुलिस अभिषेक के गायब होने के अगले दिन यानी 24 दिसंबर तक उसका मोबाइल ऑन था। मोबाइल की लोकेशन निकाली गई। फिर सीडीआर खंगाला गया। जिस जगह अभिषेक का मोबाइल लोकेशन था, वहां राधे और ऋतिक का भी मोबाइल लोकेशन दिखा था। फिर संदेह के आधार पर दोनों को उठाकर पूछताछ की गई। मामले में मुंगेर के आदित्य के भी शामिल होने की जानकारी मिली। डीएसपी-2 राकेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों राधे, ऋतिक और आदित्य की मृतक अभिषेक के मामा संतोष से कई बार बात हुई थी। इसकी जानकारी सीडीआर के जरिए मिली। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो तीनों ने पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद मुख्य आरोपी संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया गया। ———————— ये खबर भी पढ़ें 20 दिसंबर को प्लानिंग की, 2 लाख देकर मर्डर कराया:मास्टरमाइंड की गर्लफ्रेंड के करीब आ गया था अभिषेक, गोली मारने के बाद पैर-सिर काटा भागलपुर के नाथनगर इलाके में चार दिनों से लापता 30 साल के अभिषेक कुमार की बॉडी के तीन टुकड़े में मिली थी। सिर और पैर गायब था, केवल धड़ मिला। हाथ प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, फिर जैकेट में बांध कर प्लास्टिक के बोरे में बंद कर दफनाया गया था। अभिषेक की हत्या की साजिश 20 दिसंबर को ही रची गई थी। गिरफ्तार किए गए राधे, ऋतिक और आयुष के अलावा चौथा आरोपी मास्टरमाइंड है, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। मास्टरमाइंड ने तीनों आरोपियों में से एक को 2 लाख रुपए की सुपारी दी थी। पूरी खबर पढ़ें


