उमंग सिंघार बोले- जल जीवन मिशन में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ:बैतूल में कहा- उद्योगपतियों को जमीनें दी जा रही, खनिजों का दोहन हो रहा

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को बैतूल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। भोपाल से सिवनी जाते हुए उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा के निवास पर रुककर प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए। सिंघार ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन सरकार ने इसकी जांच के लिए कोई समिति नहीं बनाई। सिंघार ने कहा कि सरकार जनता से वोट और टैक्स तो लेना चाहती है, लेकिन उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छ पानी पीना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, फिर भी कई स्थानों पर दूषित पानी मिल रहा है। उन्होंने इंदौर के वार्डों का निरीक्षण करने का हवाला देते हुए स्थिति को गंभीर बताया। उद्योगपतियों को जमीनें दी जा रही
पर्यावरण और पेड़ कटाई के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा अपने प्रधानमंत्री को पर्यावरण प्रेमी बताती है और मां के नाम पर पेड़ लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उद्योगपतियों को जमीनें दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं, खनिजों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण असंतुलन बढ़ रहा है। सिंघार ने यह भी कहा कि सरकार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मनरेगा का उदाहरण देते हुए बताया कि केंद्र का हिस्सा घटा दिया गया है, जबकि राज्य का हिस्सा बढ़ा दिया गया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि वह वास्तव में जनता के हित में काम करना चाहती है, तो उसे यह बताना चाहिए कि कितना बजट देने का इरादा है। उन्होंने जोर दिया कि काम नाम से नहीं, बल्कि नीयत से चलता है। बोले- पीएम को अमेरिका से डर लगता है
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए सिंघार ने कहा कि जब डोनाल्ड ट्रंप (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति) आंखें दिखाते हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियान रोक देते हैं, तब प्रधानमंत्री मोदी चुप रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री क्यों नहीं बताते कि उन्हें अमेरिका से डर नहीं लगता और क्यों ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस विषय पर चर्चा नहीं करते। बैतूल की जिला जेल के संबंध में, सिंघार ने कहा कि कांग्रेस सरकार से इसकी जांच कराने की मांग करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हाट बाजार के लिए निर्धारित जमीन को स्थानीय उपयोग के लिए सौंपने की भी मांग की।

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