राजधानी के नौ उपस्वास्थ्य केंद्रों में 3 माह पहले लगीं अल्ट्रासाउंड मशीनें, पर टेक्नीशियन ही नहीं

राजधानी के नौ उपस्वास्थ्य केंद्रों में 3 माह पहले लगीं अल्ट्रासाउंड मशीनें, पर टेक्नीशियन ही नहीं

राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा राजधानी के नौ शहरी उप स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई हैं। इनमें राजापुर पुल, मेन सचिवालय, बड़ी पहाड़ी (पंजावर), मुबारकपुर, गुलजारबाग, गर्दनीबाग, दीघा मुसहरी और संदलपुर उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। एक मशीन की कीमत करीब 40 लाख रुपये है। तीन महीने से ये मशीनें पड़ी हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं हो रहा है, क्योंकि मशीनों को चलाने वाला टेक्नीशियन ही नहीं है। गरीब गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों में जांच करानी पड़ रही है। हर माह की 9, 15 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच करनी है। इसका उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। पटना एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. इंदिरा प्रसाद ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जांच से गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, प्लेसेंटा, पानी की मात्रा और संभावित जटिलताओं का पता चलता है। जांच नहीं होने से उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान देर से होगी, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा बढ़ सकता है। वैकल्पिक व्यवस्था हो रही: सिविल सर्जन जब तक रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पॉली क्लिनिक के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को जांच की जिम्मेदारी दी जा रही है। जल्दी ही यह सेवा गर्भवती महिलाओं को मिलने लगेगी।- डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन निजी केंद्र में जाना पड़ा दीघा मुसहरी की 24 वर्षीय रेखा के घर के पास स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगी है, लेकिन सेवा शुरू नहीं हुई है। रेखा ने कहा, “सरकारी अस्पताल में जांच नहीं हो सकी, इसलिए निजी क्लिनिक में जाना पड़ा। हर बार 800 से 1500 रुपये खर्च होते हैं। जांच से पानी की कमी का पता चला। जांच में देरी होती, तो प्रसव के दौरान गंभीर जटिलता पैदा हो सकती थी।” देर से जांच, जोखिम बढ़ा गर्दनीबाग की 28 वर्षीय सुशीला की गर्भावस्था के दौरान शुरुआती महीनों में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी। सरकारी केंद्र पर सुविधा नहीं थी और आर्थिक कारणों से निजी जांच भी नहीं करा सकीं। सातवें महीने में पता चला कि भ्रूण की स्थिति असामान्य है। उनके पति रमेश कुमार ने बताया कि उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है। दीघा मुशहरी उप स्वास्थ्य केंद्र राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा राजधानी के नौ शहरी उप स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई हैं। इनमें राजापुर पुल, मेन सचिवालय, बड़ी पहाड़ी (पंजावर), मुबारकपुर, गुलजारबाग, गर्दनीबाग, दीघा मुसहरी और संदलपुर उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। एक मशीन की कीमत करीब 40 लाख रुपये है। तीन महीने से ये मशीनें पड़ी हैं, लेकिन इनका उपयोग नहीं हो रहा है, क्योंकि मशीनों को चलाने वाला टेक्नीशियन ही नहीं है। गरीब गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों में जांच करानी पड़ रही है। हर माह की 9, 15 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच करनी है। इसका उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। पटना एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. इंदिरा प्रसाद ने कहा कि अल्ट्रासाउंड जांच से गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति, प्लेसेंटा, पानी की मात्रा और संभावित जटिलताओं का पता चलता है। जांच नहीं होने से उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान देर से होगी, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा बढ़ सकता है। वैकल्पिक व्यवस्था हो रही: सिविल सर्जन जब तक रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पॉली क्लिनिक के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को जांच की जिम्मेदारी दी जा रही है। जल्दी ही यह सेवा गर्भवती महिलाओं को मिलने लगेगी।- डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन निजी केंद्र में जाना पड़ा दीघा मुसहरी की 24 वर्षीय रेखा के घर के पास स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगी है, लेकिन सेवा शुरू नहीं हुई है। रेखा ने कहा, “सरकारी अस्पताल में जांच नहीं हो सकी, इसलिए निजी क्लिनिक में जाना पड़ा। हर बार 800 से 1500 रुपये खर्च होते हैं। जांच से पानी की कमी का पता चला। जांच में देरी होती, तो प्रसव के दौरान गंभीर जटिलता पैदा हो सकती थी।” देर से जांच, जोखिम बढ़ा गर्दनीबाग की 28 वर्षीय सुशीला की गर्भावस्था के दौरान शुरुआती महीनों में अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी। सरकारी केंद्र पर सुविधा नहीं थी और आर्थिक कारणों से निजी जांच भी नहीं करा सकीं। सातवें महीने में पता चला कि भ्रूण की स्थिति असामान्य है। उनके पति रमेश कुमार ने बताया कि उसे पीएमसीएच रेफर किया गया है। दीघा मुशहरी उप स्वास्थ्य केंद्र  

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