कोण्डागांव जिले में ‘उल्लास भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 22 मार्च 2026 को एक महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के 10,570 निरक्षर नागरिकों ने साक्षर बनने के उद्देश्य से भाग लिया। यह अभियान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अभियान के लिए कुल 14,470 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिनमें से 10,570 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिले के पांचों विकासखंडों में कुल 469 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां यह परीक्षा आयोजित की गई।
कोण्डागांव जिले में ‘उल्लास भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 22 मार्च 2026 को एक महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के 10,570 निरक्षर नागरिकों ने साक्षर बनने के उद्देश्य से भाग लिया। यह अभियान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अभियान के लिए कुल 14,470 शिक्षार्थियों का पंजीकरण हुआ था, जिनमें से 10,570 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जिले के पांचों विकासखंडों में कुल 469 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां यह परीक्षा आयोजित की गई।
15 साल, उससे अधिक आयु के निरक्षरओं को पढ़ना-लिखना डीईओ भारती प्रधान ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य 15 साल और उससे अधिक आयु के निरक्षर नागरिकों को पढ़ना-लिखना, गणना करना और आवश्यक जीवन कौशल सिखाकर सशक्त बनाना है, ताकि वे समाज में आत्मविश्वास के साथ योगदान कर सकें। पुनर्वास केंद्र देवखरगांव को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा केंद्राध्यक्ष तुलाराम शोरी (प्राचार्य), सहित कई शिक्षकों ने विशेष सहयोग प्रदान किया।


