महाराष्ट्र की राजनीति में मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे के मुंबई स्थित निवास पर आज अहम बैठक आयोजित की गई। सुबह साढ़े 10 बजे बुलाई गई इस बैठक में पार्टी के मुंबई शहर प्रमुख और विभिन्न विभाग अध्यक्ष शामिल हुए। हालांकि इस बैठक का मुख्य एजेंडा मराठी भाषा दिन के आयोजन को लेकर था। पार्टी ने इस साल मराठी भाषा दिन को बड़े स्तर पर मनाने का फैसला किया है।
मुंबई शहर अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि इस वर्ष मराठी भाषा दिन राज ठाकरे के निवास स्थान ‘शिवतीर्थ’ पर धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की जा रही है और आगे भी कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।
मनसे की ओर से इसे सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम आयोजन माना जा रहा है।
संजय राउत पर कटाक्ष
पत्रकारों से बात करते हुए मनसे प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत को ‘सुपर प्रवक्ता’ कहकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सुपर प्रवक्ता की समस्या यह हो गई है कि वह सुपर उद्धव ठाकरे का नाम लेने से डरने लगे है?” देशपांडे ने आरोप लगाया कि चंद्रपुर में जो भी कांड हुआ, वह उद्धव ठाकरे ने करवाया था और ‘सुपर प्रवक्ता’ को इसकी भनक तक नहीं लगी।
देशपांडे ने तंज कसते हुए कहा, “इसलिए सुपर प्रवक्ता के चंद्रपुर के नगरसेवक तो गए। इसलिए संजय राउत की हालत अब ऐसी है।”
‘डील पहले से तय थी, सिर्फ नाटक चल रहा है!’
संदीप देशपांडे ने संजय राउत के बयानों को नाटक करार देते हुए आगे कहा, “उन्हें (राउत को) ऐसा बोलना पड़ता है। चंद्रपुर में कुछ भी कार्रवाई नहीं होगी। चंद्रपुर की डील होने वाली है, यह संजय राउत को पहले से ही पता था। इसमें कोई सरप्राइज नहीं है। अब सिर्फ जो वे बोले, उसका उल्टा हो रहा है। इसलिए ‘मैं मारने का नाटक करता हूं, तुम रोने का नाटक करो’ जैसा चल रहा है।”
मनसे ने इस स्पष्ट शब्दों में संजय राउत पर हमला बोला है, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमाहट बढ़ गई है।
गौरतलब हो कि गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस को उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब उसकी सहयोगी शिवसेना (उद्धव गुट) और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच अचानक हुए गठबंधन से चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा का मेयर चुन लिया गया। यह तब हुआ, जब कांग्रेस इस पद को हासिल करने के सबसे करीब थी। इसी को लेकर मनसे नेता ने उद्धव सेना पर कटाक्ष किया है।


