प्रॉब्लम से प्यार कर लेंगे तो प्रॉब्लम महसूस भी नहीं होगी, प्रॉब्लम को दुश्मन की तरह नहीं दोस्त बना लो और प्यार करो तो आप उसे भूल कर अपने गोल में लग जाएंगे। यह कहना है उदयपुर की मनीषा सोनी (29) का। कोमा में रह चुकी मनीषा सोनी ने 7 जनवरी को सोनी टीवी के चर्चित शो मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 तक का सफर पूरा किया। मास्टर शेफ इंडिया के मंच पर जब मनीषा खाना बना रही थीं, तब भी उनका शरीर वाइब्रेट कर रहा था। हाथ कांप रहे थे, शरीर साथ नहीं दे रहा था। मनीषा सेकेंडरी पार्किंसंस रोग से पीड़ित हैं। यह बीमारी उनके शरीर को लगातार कंपन में रखती है। मनीषा का कहना है कि बीमारी के बावजूद वह कुकिंग के क्षेत्र में कुछ बड़ा करना चाहती हैं, अपनी पहचान बनाना चाहती हैं और उन लोगों के लिए मिसाल बनना चाहती हैं, जो बीमारी या हालातों से डरकर अपने सपनों को छोड़ देते हैं। संघर्ष के बीच जीने वाले कुछ करना चाहते हैं तो उनके लिए एक प्लेटफॉर्म हो यह उसकी इच्छा है। वह एक कैफे खोलना चाहती हैं और इसके लिए गोल लेकर चल रही है। दैनिक भास्कर ने मनीषा से बातचीत की। मनीषा ऐसे पहुंची शो तक
मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 के लिए मनीषा का चयन हुआ तो सबसे पहले उसका जयपुर में पहला राउंड हुआ। 100 जनों में से मनीषा का सलेक्शन हुआ और दूसरे राउंड के लिए दिल्ली बुलाया गया। इसमें घर से डिश बनाकर ले जानी थी। मनीषा सिंघाड़े और शकरकंद का हलवा बनाकर ले गई। इसके बाद सूचना आई कि वह मुंबई के लिए क्वालिफाई हो गई। इसमें एक शर्त थी कि एक पार्टनर होगा। इसके लिए मनीषा ने बहुत प्रयास किए लेकिन कुछ समझ नहीं आया। पार्टनर भी ब्लड रिलेशन का ही होना था, तब मनीषा ने पापा रतन शर्मा को पार्टनर बनाया। दोनों मुंबई के शो में गए। वहां पर दो डिश बनाने को कहा और एडवांस में सामान की लिस्ट मांगी तो मनीषा ने भेज दी। शो 5 दिसंबर 2025 को शूट किया गया और इसका प्रसारण 7 जनवरी 2026 को हुआ। जज बोले- हम डिमोरलाइज हो जाएंगे तो आपकी हिम्मत सामने लाएंगे
मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 में जज विकास खन्ना, रणवीर बरार, कुणाल कपूर ने मनीषा की बनाई डिश टविस्ट कबाब और टू इन वन खीर को बहुत पसंद किया। मनीषा की हिम्मत और जज्बे से वे भावुक हो गए और उसकी हिम्मत को दाद दी। मनीषा को खास तौर पर हस्ताक्षर कर एप्रिन पहनाया। जजेज ने कहा कि हम कभी डिमोरलाइज हो जाएंगे तो मनीषा की हिम्मत को याद कर लेंगे। सात साल की थी तब कुकिंग की
मनीषा ने बताया – कुकिंग कब पैशन बन गया मुझे भी नहीं पता। जब मैं सात साल की थी तब मां का बीपी लो हो गया और बीमार हो गईं तो अस्पताल ले गए। मैं घर अकेली थी, तब मैंने सोचा मां के लिए दलिया अच्छा रहेगा तो मैंने बनाया। मैंने नमक कम नहीं हो जाए यह सोच कर चुटकी भर-चुटकी भर दस बार डाल दिया। दलिया कड़वा हो गया था। बाद में मां ने बताया कि कड़वा भी इसलिए खाया कि एक तो मेरी बेटी ने किचन में अकेले बनाया और दूसरा बीपी लो था। कॉन्टैक्ट लिस्ट में सबका नाम अलग
मनीषा ने बताया – मेरे पापा रतन, मां सरिता और भाई गौरव हर मुकाम पर उसके साथ हैं। इस तकलीफ के बाद भी वे पूरी मदद करते हुए उसका जोश बढ़ाते हैं। मैंने मोबाइल के कॉन्टेक्ट लिस्ट में मां का नाम लाइफ लाइन, भाई का नाम माय सपोर्ट और पापा का नाम केसीपी (किचन कुकिंग पार्टनर) रखा है। मास्टर शेफ इंडिया सीजन 9 पर मनीषा ने कहा – पापा और मैंने टविस्ट कबाब और टू इन वन खीर वहां बनाई। हमने पांच मिनट फाईनल टच के लिए मांगा तो हमें दिया। हम वहां की किचन में गए और टच दे रहे थे तब एक जज आए और बोला कि तेज आंच कर लो तो मैंने बोला जल जाएंगे, खाने आपको ही है। मेरे मन में यही था अच्छी डिशेज बनानी। मैंने और पापा ने मिलकर बनाया था। बाद में मंच पर जज ने सवाल किया कि कुकिंग ही क्यों तो मैंने बताया कि ताकि मैं कुकिंग को अगले लेवल पर ले जा सकूं और दूसरा मेरे में क्या कमियां और अच्छाइयां है यह पता चल सके। मुझे वहां बहुत कुछ सीखने को मिला। 2011 कोमा में चली गई थी मनीषा
मनीषा के पिता रतन शर्मा ने बताया- 2011 में मनीषा को जब ब्रेन फीवर हुआ था। फीवर का टैम्परेचर डाउन नहीं हुआ। उसको सर्दी के महीने जनवरी में बर्फ का सेक किया गया। उससे ही जाकर टैम्परेचर कम हुआ। इसी बीच मनीषा कोमा में चली गई। उस समय उसको मेनिनजाइटिस (मस्तिष्कावरण शोथ) हो गया था। अब मनीषा पार्किंसंस रोग से पीड़ित हो गई और उसका उपचार आज भी जारी है। मनीषा का लखनऊ, अहमदाबाद और उदयपुर में इलाज कराया और आज भी जारी है। मनीषा ने अहमदाबाद के न्यू ट्यूलिप इंटरनेशनल स्कूल में इंग्लिश मीडियम में 12वीं पास की। 2021से उदयपुर में रह रहे
मनीषा के पिता रतन शर्मा ने बताया कि वे मूल रूप से झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़-मंडावा मार्ग पर स्थित चूड़ी अजीतगढ़ गांव के रहने वाले हैं। मनीषा ने एके बिड़ला और केके बिड़ला में फाइनेंस विंग में काम किया है। ज्यादातर जॉब बाहर रही और बाद में उनका उदयपुर में तबादला हो गया। रतन शर्मा जून 2021 में रिटायर्ड हो गए और उदयपुर ( न्यू नवरत्न कॉम्पलेक्स) में ही रह रहे हैं। उनका बेटा गौरव जॉब में है। पत्नी सरिता हाउसवाइफ हैं। कोमा से मास्टर शेफ तक का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं
मनीषा की मां सरिता शर्मा ने बताया- बेटी कोमा से निकलकर मास्टर शेफ के मंच तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं, और यह चमत्कार मनीषा ने अपने हौसले से कर दिखाया है। वह कहती है कि मनीषा हमारी रौनक है।


