नए साल पर उदयपुर वन क्षेत्र बना पर्यटकों का आकर्षण:सारस पक्षी ने बढ़ाया उल्लास, मनमोहक नृत्य और अठखेलियों ने पर्यटकों को किया मंत्रमुग्ध

नए साल पर उदयपुर वन क्षेत्र बना पर्यटकों का आकर्षण:सारस पक्षी ने बढ़ाया उल्लास, मनमोहक नृत्य और अठखेलियों ने पर्यटकों को किया मंत्रमुग्ध

नए साल के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय से करीब 12 KM दूर बैरिया प्रखंड स्थित उदयपुर वन क्षेत्र पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच यहां बाहर से लाए गए एक सारस पक्षी की अठखेलियां और मनमोहक नृत्य नववर्ष की खुशियों को और भी यादगार बना रहे हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक इस दुर्लभ नजारे को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। सारस के अनोखे अंदाज ने खींचा ध्यान वन विभाग के कर्मियों के अनुसार सरैया मन वन क्षेत्र से लाए गए इस सारस पक्षी का व्यवहार काफी अनोखा है। यह सारस प्रतिदिन एक पैर पर खड़े होकर अठखेलियां करता नजर आता है और कभी-कभी नृत्य करता हुआ दिखाई देता है। उसके इस स्वाभाविक और आकर्षक व्यवहार को देखने के लिए नववर्ष पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कैमरों में कैद हुआ दुर्लभ दृश्य नववर्ष की छुट्टियों के कारण उदयपुर वन क्षेत्र में परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे लोग इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद करते दिखे। खासकर बच्चे सारस की गतिविधियों को देखकर काफी उत्साहित नजर आए। कई पर्यटक काफी देर तक वहीं रुककर सारस के नृत्य और चाल-ढाल को निहारते रहे। पिकनिक और पर्यटन का बना केंद्र सारस पक्षी की मौजूदगी से उदयपुर वन क्षेत्र नववर्ष के मौके पर पिकनिक और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। जंगल का शांत वातावरण, हरियाली और वन्य जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी सौगात से कम नहीं है। बच्चों और प्रकृति प्रेमियों में खास उत्साह उदयपुर वन क्षेत्र में पहुंचे पर्यटकों में बच्चों और प्रकृति प्रेमियों की संख्या अधिक देखी जा रही है। बच्चों के लिए यह एक जीवंत अनुभव बन रहा है, जहां वे किताबों में पढ़े गए पक्षी को करीब से देख पा रहे हैं। वहीं प्रकृति प्रेमी इसे वन्य जीवन संरक्षण से जोड़कर देख रहे हैं। छुट्टियों में बढ़ी पर्यटकों की संख्या नववर्ष की छुट्टियों के चलते उदयपुर वन क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सुबह से लेकर शाम तक लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। वन पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा वन विभाग का कहना है कि इस तरह के प्राकृतिक आकर्षणों से वन पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। इससे लोगों में जंगल और वन्य जीवों के प्रति रुचि बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि अगर लोग प्रकृति के करीब आएंगे तो संरक्षण की भावना भी मजबूत होगी। पर्यटकों से की गई अपील वन विभाग की ओर से पर्यटकों से अपील की गई है कि वे वन्य जीवों से उचित दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार से उन्हें परेशान न करें और न ही उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करें। साथ ही साफ-सफाई बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग न करने की भी अपील की गई है। संरक्षण में सहयोग की जरूरत वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सारस जैसे दुर्लभ पक्षी पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके संरक्षण में आम लोगों की भूमिका भी अहम है। अगर पर्यटक नियमों का पालन करेंगे तो भविष्य में ऐसे और भी प्राकृतिक नजारे देखने को मिल सकते हैं। नए साल के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय से करीब 12 KM दूर बैरिया प्रखंड स्थित उदयपुर वन क्षेत्र पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्राकृतिक सुंदरता के बीच यहां बाहर से लाए गए एक सारस पक्षी की अठखेलियां और मनमोहक नृत्य नववर्ष की खुशियों को और भी यादगार बना रहे हैं। बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक इस दुर्लभ नजारे को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। सारस के अनोखे अंदाज ने खींचा ध्यान वन विभाग के कर्मियों के अनुसार सरैया मन वन क्षेत्र से लाए गए इस सारस पक्षी का व्यवहार काफी अनोखा है। यह सारस प्रतिदिन एक पैर पर खड़े होकर अठखेलियां करता नजर आता है और कभी-कभी नृत्य करता हुआ दिखाई देता है। उसके इस स्वाभाविक और आकर्षक व्यवहार को देखने के लिए नववर्ष पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कैमरों में कैद हुआ दुर्लभ दृश्य नववर्ष की छुट्टियों के कारण उदयपुर वन क्षेत्र में परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे लोग इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद करते दिखे। खासकर बच्चे सारस की गतिविधियों को देखकर काफी उत्साहित नजर आए। कई पर्यटक काफी देर तक वहीं रुककर सारस के नृत्य और चाल-ढाल को निहारते रहे। पिकनिक और पर्यटन का बना केंद्र सारस पक्षी की मौजूदगी से उदयपुर वन क्षेत्र नववर्ष के मौके पर पिकनिक और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। दूर-दराज के इलाकों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। जंगल का शांत वातावरण, हरियाली और वन्य जीवों की मौजूदगी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी सौगात से कम नहीं है। बच्चों और प्रकृति प्रेमियों में खास उत्साह उदयपुर वन क्षेत्र में पहुंचे पर्यटकों में बच्चों और प्रकृति प्रेमियों की संख्या अधिक देखी जा रही है। बच्चों के लिए यह एक जीवंत अनुभव बन रहा है, जहां वे किताबों में पढ़े गए पक्षी को करीब से देख पा रहे हैं। वहीं प्रकृति प्रेमी इसे वन्य जीवन संरक्षण से जोड़कर देख रहे हैं। छुट्टियों में बढ़ी पर्यटकों की संख्या नववर्ष की छुट्टियों के चलते उदयपुर वन क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सुबह से लेकर शाम तक लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। वन पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा वन विभाग का कहना है कि इस तरह के प्राकृतिक आकर्षणों से वन पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। इससे लोगों में जंगल और वन्य जीवों के प्रति रुचि बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि अगर लोग प्रकृति के करीब आएंगे तो संरक्षण की भावना भी मजबूत होगी। पर्यटकों से की गई अपील वन विभाग की ओर से पर्यटकों से अपील की गई है कि वे वन्य जीवों से उचित दूरी बनाए रखें। किसी भी प्रकार से उन्हें परेशान न करें और न ही उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप करें। साथ ही साफ-सफाई बनाए रखने और प्लास्टिक का उपयोग न करने की भी अपील की गई है। संरक्षण में सहयोग की जरूरत वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सारस जैसे दुर्लभ पक्षी पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके संरक्षण में आम लोगों की भूमिका भी अहम है। अगर पर्यटक नियमों का पालन करेंगे तो भविष्य में ऐसे और भी प्राकृतिक नजारे देखने को मिल सकते हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *