भारत के दौरे के बाद यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने बड़ा फैसला लिया है। संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल एयरपोर्ट ऑपरेशन डील रद्द कर दी है। UAE ने पाकिस्तान को बताया है कि वह अब इस्लामाबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नहीं चलाएगा।
मीडिया के खबरों को किया खारिज
इधर, मामला तूल पकड़ने के बाद पाकिस्तान की सरकार ने इस्लामाबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित समझौते को रद्द करने की खबरों को खारिज कर दिया। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कहा कि आईआईएपी सहित तीनों हवाई अड्डों में से किसी के लिए भी कोई पट्टा या रियायत समझौते पर कभी हस्ताक्षर नहीं किया गया था। पाकिस्तान द्वारा यूएई के साथ पट्टा समझौते को रद्द करने के दावों को भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया गया।
भारत दौरे के बाद UAE ने लिया फैसला
पाकिस्तानी मीडिया में इस बात की चर्चा है कि संयुक्त अरब अमीरात ने यह फैसला भारत दौरे के बाद लिया है। दरअसल, यूएई के राष्ट्रपति MBZ 19 जनवरी को सिर्फ 2 घंटे के लिए भारत आए थे। उनके भारत दौरे का ऐलान 1 दिन पहले 18 जनवरी को हुआ था। इस दौरान भारत और UAE के बीच कई अहम समझौते भी हुए थे।
पाकिस्तान का बड़ा व्यापारिक साझेदार
यूएई, पाकिस्तान के सबसे बडे़ व्यापारिक साझेदार में से एक है। UAE में हजारों पाकिस्तानी विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। वहां से पैसा भी पाकिस्तान पहुंचता है। UAE ने पाकिस्तान की सरकार को भारी निवेश का वादा भी किया है। ऐसे में नाहयान का यह कदम पाकिस्तान के लिए सामरिक के साथ-साथ आर्थिक घाटा पहुंचा सकता है।
कुप्रबंधन के कारण सरकारी उद्योग घाटे में
एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण खराब प्रशासन और कुप्रबंधन के कारण पाकिस्तान के सरकारी उद्यमों को भारी नुकसान हो रहा है, जिसके बाद उन्हें औने-पौने दामों पर बिक्री के लिए रखा जाता है। वर्ल्ड बैंक भी उद्योगों के विनिवेश के लिए पाकिस्तान भारी दवाब बना रहा है।


