साइबर ठगी के दो पीड़ितों को पैसा मिला वापस:खगड़िया साइबर थाना ने 52 हजार दिलाई वापस, फर्जी लिंक पर क्लिक न करने की दी सलाह

साइबर ठगी के दो पीड़ितों को पैसा मिला वापस:खगड़िया साइबर थाना ने 52 हजार दिलाई वापस, फर्जी लिंक पर क्लिक न करने की दी सलाह

खगड़िया साइबर थाना ने साइबर ठगी के दो पीड़ितों को उनके बैंक खातों में कुल 52,135 रुपए वापस दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में यह थाना लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। टीकारामपुर निवासी आनंद कुमार, पिता अगेश्वर प्रसाद सिंह, खगड़िया साइबर ठगी का शिकार हुए थे। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक और तकनीकी एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप, आनंद कुमार के खाते में 20,000 रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। पीड़ित को 32,135 रुपए की राशि कराई वापस इसी तरह, सन्हौली निवासी समीत कुमार, पिता स्वर्गीय धरणीधर प्रसाद, चित्रगुप्तनगर, खगड़िया भी ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए थे। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित अनुसंधान किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। पीड़ित समीत कुमार के खाते में 32,135 रुपए की राशि वापस कराई गई। इस संबंध में निशांत गौरव ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि जैसे ही पीड़ित साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हैं, पुलिस तुरंत संबंधित खातों को फ्रीज कराने और राशि रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर देती है। इससे पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अनजान कॉल, फर्जी लिंक पर क्लिक न करने की सलाह साइबर डीएसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी या संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत साइबर थाना से संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि खगड़िया साइबर थाना आम लोगों की सुरक्षा और उनकी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। साइबर थाना की इस कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ितों को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। साथ ही यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है। खगड़िया साइबर थाना ने साइबर ठगी के दो पीड़ितों को उनके बैंक खातों में कुल 52,135 रुपए वापस दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में यह थाना लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। टीकारामपुर निवासी आनंद कुमार, पिता अगेश्वर प्रसाद सिंह, खगड़िया साइबर ठगी का शिकार हुए थे। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक और तकनीकी एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप, आनंद कुमार के खाते में 20,000 रुपये की पूरी राशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। पीड़ित को 32,135 रुपए की राशि कराई वापस इसी तरह, सन्हौली निवासी समीत कुमार, पिता स्वर्गीय धरणीधर प्रसाद, चित्रगुप्तनगर, खगड़िया भी ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए थे। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित अनुसंधान किया और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। पीड़ित समीत कुमार के खाते में 32,135 रुपए की राशि वापस कराई गई। इस संबंध में निशांत गौरव ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि जैसे ही पीड़ित साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हैं, पुलिस तुरंत संबंधित खातों को फ्रीज कराने और राशि रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर देती है। इससे पैसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अनजान कॉल, फर्जी लिंक पर क्लिक न करने की सलाह साइबर डीएसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी या संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत साइबर थाना से संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि खगड़िया साइबर थाना आम लोगों की सुरक्षा और उनकी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। साइबर थाना की इस कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ितों को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। साथ ही यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है कि कानून से बच पाना आसान नहीं है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *