मोतिहारी के दो छात्रों ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में राज्य के टॉप-10 में जगह बनाई है। दोनों छात्रों ने आठवां स्थान हासिल किया, जिससे जिले में खुशी का माहौल है। अरेराज नगर पंचायत के वार्ड-13 निवासी छोटू कुमार ने 483 अंक प्राप्त कर राज्य में आठवां स्थान हासिल किया। वह आंगनबाड़ी सेविका रिंकू देवी और किसान सुदिष्ट राम के पुत्र हैं। परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। छोटू कुमार ने 483 अंक मिले, पिता किसान छोटू ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बड़े भाई और कोचिंग शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई, प्राइवेट कोचिंग और रोजाना लगभग 12 घंटे की सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया। छोटू इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव बहादुरपुर के मिडिल स्कूल से हुई थी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा उन्होंने सोमेश्वर प्लस-2 उच्च विद्यालय, अरेराज से दी। उनकी इस उपलब्धि पर नगर मुख्य पार्षद रनटू पांडेय ने उन्हें सम्मानित किया। दिलखुश को मिले 483 अंक, पिता व्यवसायी वहीं, पहाड़पुर प्रखंड के पूर्वी सिसवा वार्ड-13 निवासी दिलखुश कुमार ने भी 483 अंक प्राप्त कर बिहार में आठवां स्थान हासिल किया। उनके पिता सतेन्द्र साह व्यवसायी हैं और मां सुमन देवी गृहिणी हैं। दिलखुश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक ओमप्रकाश कुमार, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया, जिन्होंने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। दिलखुश का लक्ष्य सिविल सर्विसेज में जाना है। उनका मानना है कि स्पष्ट लक्ष्य, सही दिशा और निरंतर मेहनत से ही सफलता मिलती है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। दोनों छात्रों की सफलता ने जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया है। मोतिहारी के दो छात्रों ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में राज्य के टॉप-10 में जगह बनाई है। दोनों छात्रों ने आठवां स्थान हासिल किया, जिससे जिले में खुशी का माहौल है। अरेराज नगर पंचायत के वार्ड-13 निवासी छोटू कुमार ने 483 अंक प्राप्त कर राज्य में आठवां स्थान हासिल किया। वह आंगनबाड़ी सेविका रिंकू देवी और किसान सुदिष्ट राम के पुत्र हैं। परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। छोटू कुमार ने 483 अंक मिले, पिता किसान छोटू ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बड़े भाई और कोचिंग शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई, प्राइवेट कोचिंग और रोजाना लगभग 12 घंटे की सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया। छोटू इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव बहादुरपुर के मिडिल स्कूल से हुई थी, जबकि मैट्रिक की परीक्षा उन्होंने सोमेश्वर प्लस-2 उच्च विद्यालय, अरेराज से दी। उनकी इस उपलब्धि पर नगर मुख्य पार्षद रनटू पांडेय ने उन्हें सम्मानित किया। दिलखुश को मिले 483 अंक, पिता व्यवसायी वहीं, पहाड़पुर प्रखंड के पूर्वी सिसवा वार्ड-13 निवासी दिलखुश कुमार ने भी 483 अंक प्राप्त कर बिहार में आठवां स्थान हासिल किया। उनके पिता सतेन्द्र साह व्यवसायी हैं और मां सुमन देवी गृहिणी हैं। दिलखुश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक ओमप्रकाश कुमार, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को दिया, जिन्होंने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया। दिलखुश का लक्ष्य सिविल सर्विसेज में जाना है। उनका मानना है कि स्पष्ट लक्ष्य, सही दिशा और निरंतर मेहनत से ही सफलता मिलती है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों लोगों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। दोनों छात्रों की सफलता ने जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया है।


