आणंद जिले की उमरेठ तहसील के गीरवत को ब्रेनडेड घोषित करने के बाद पत्नी-पुत्र ने लिया परोपकार भरा निर्णय
Ahmedabad news: शहर के सिविल अस्पताल में एक उपचाराधीन मरीज को ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद उनका लीवर और एक किडनी दान में देने से दो जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल गया। अस्पताल में यह 228वां ब्रेनडेड मरीज है।आणंद जिले की उमरेठ तहसील के अरदी गांव निवासी गीरवत सोढा परमार (45) गत 7 फरवरी को नडियाद के पास सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर पर गहरी चोट लगने के बाद उन्हें पहले नडियाद और फिर अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। आइसीयू में लगातार उपचार के बावजूद मंगलवार को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेनडेड घोषित किया।
इस कठिन घड़ी में गीरवत की पत्नी मंजुला और पुत्र रजनीकांत ने परोपकार की भावना दिखाते हुए अंगदान का निर्णय लिया। अपने स्वजन को खोने के गहरे दुख के बीच भी उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की। उनके इस निर्णय से गंभीर हालत में जी रहे दो मरीजों के जीवन में आशा और खुशी का संचार हुआ।
एक लिवर और एक किडनी का दान
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि गीरवत के अंगदान से प्राप्त लीवर और एक किडनी अस्पताल परिसर की ही किडनी हॉस्पिटल में जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किए । वे भले आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों से दो परिवारों में फिर से उम्मीद की किरण जाग जाएगी।
अब तक 419 किडनी दान में मिले
अधीक्षक डॉ जोशी के अनुसार अस्पताल में अब तक कुल 228 ब्रेनडेड व्यक्तियों के परिवारों ने अंगदान किया है, जिनसे 754 अंग प्राप्त हुए। साथ ही 180 नेत्र और 37 त्वचा समेत कुल 971 अंग और ऊतक का दान संभव हुआ है। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक सबसे ज्यादा 419 किडनी दान में मिली हैं। 202 लीवर, 73 हृदय, 34 फेफड़े, 18 पेंक्रियाज 6 हाथ और 2 छोटी आंत भी दान में मिली हैं।


