बलरामपुर में मध्यान्ह भोजन योजना घोटाले में पुलिस ने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 करोड़ रुपए से अधिक के सरकारी धन के गबन और दस्तावेजों में हेराफेरी से संबंधित है। गिरफ्तारी थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 297/2025 के तहत की गई। यह मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की जांच और तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया था। इसमें पहले ही डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान सहित कुल 45 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह गिरफ्तारी हुई है। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर कोतवाली नगर पुलिस टीम ने बिजलीपुर बाईपास से नूरुल हसन खान (निवासी त्रिकोलिया, बलरामपुर) और गुलाम गौसुल बरा (निवासी गुलरिहा, सिद्धार्थनगर) को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे तत्कालीन जिला समन्वयक (मध्यान्ह भोजन योजना) फिरोज अहमद खान के साथ मिलकर काम करते थे। वे बेसिक शिक्षा विभाग के आईवीआरएस पोर्टल से छात्रों की संख्या प्राप्त करते थे। इसके बाद कन्वर्जन कॉस्ट के आधार पर एक्सेल शीट तैयार कर जिलाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त करते थे। अब तक कुल नौ अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी अनुमोदन के बाद, मूल एक्सेल शीट को पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड करने के बजाय उसमें हेरफेर किया जाता था। इसमें कुछ विद्यालयों की धनराशि बढ़ा दी जाती थी और उतनी ही राशि अन्य विद्यालयों के खातों से घटा दी जाती थी, ताकि कुल स्वीकृत राशि में कोई अंतर न दिखे। बढ़ी हुई धनराशि को संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष आपस में बांट लेते थे। इस मामले में अब तक कुल नौ अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि विवेचना जारी है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं। इस गिरफ्तारी अभियान को प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल जयमंगल यादव, कांस्टेबल मोहम्मद शाहिद और कांस्टेबल कमलेश यादव की टीम ने अंजाम दिया।


