भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र से लापता हुईं दसवीं कक्षा की छात्राएं जिया और सोनाक्षी अब सुरक्षित अपने घर लौट आई हैं। दोनों छात्राएं मुंबई से लौटकर भागलपुर पहुंची हैं, जिससे उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जिया और सोनाक्षी 8 जनवरी को अपने घर से विद्यालय का एडमिट कार्ड लेने निकली थीं, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटीं। परिजनों ने इसकी सूचना बबरगंज थाना में दी और छात्राओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में भी छात्राओं की तलाश की। 31 जनवरी को मुंबई स्थित चाइल्ड हेल्प सोसाइटी से सूचना मिली कि छात्राएं उनके पास सुरक्षित हैं। परिजनों ने वीडियो कॉल के माध्यम से पहचान की पुष्टि की। इसके बाद भागलपुर पुलिस की टीम परिजनों के साथ मुंबई रवाना हुई और दोनों छात्राओं को सुरक्षित भागलपुर लेकर आई। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में छात्राओं ने अपने घर से स्वेच्छा से निकलने की बात बताई। वे पहले पटना गईं और फिर दादर ट्रेन सेवा के माध्यम से मुंबई पहुंचीं। फिलहाल, दोनों का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा, ताकि उनके मुंबई जाने के कारण और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सके। भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र से लापता हुईं दसवीं कक्षा की छात्राएं जिया और सोनाक्षी अब सुरक्षित अपने घर लौट आई हैं। दोनों छात्राएं मुंबई से लौटकर भागलपुर पहुंची हैं, जिससे उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जिया और सोनाक्षी 8 जनवरी को अपने घर से विद्यालय का एडमिट कार्ड लेने निकली थीं, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटीं। परिजनों ने इसकी सूचना बबरगंज थाना में दी और छात्राओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में भी छात्राओं की तलाश की। 31 जनवरी को मुंबई स्थित चाइल्ड हेल्प सोसाइटी से सूचना मिली कि छात्राएं उनके पास सुरक्षित हैं। परिजनों ने वीडियो कॉल के माध्यम से पहचान की पुष्टि की। इसके बाद भागलपुर पुलिस की टीम परिजनों के साथ मुंबई रवाना हुई और दोनों छात्राओं को सुरक्षित भागलपुर लेकर आई। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में छात्राओं ने अपने घर से स्वेच्छा से निकलने की बात बताई। वे पहले पटना गईं और फिर दादर ट्रेन सेवा के माध्यम से मुंबई पहुंचीं। फिलहाल, दोनों का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा, ताकि उनके मुंबई जाने के कारण और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सके।


