पोखर में डूबने से दो नाबालिग दोस्तो की मौत:सुपौल में खेलने के दौरान हादसा; पैर फिसलने से गहरे पानी में जाने की आशंका

पोखर में डूबने से दो नाबालिग दोस्तो की मौत:सुपौल में खेलने के दौरान हादसा; पैर फिसलने से गहरे पानी में जाने की आशंका

सुपौल के करजाइन थाना क्षेत्र से मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हरिरहा पंचायत के सीतापुर वार्ड संख्या एक में घर के सामने खेल रही दो मासूम बच्चियों की पोखर में डूबने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के सामने खेल रही थीं दोनों सहेलियां मृत बच्चियों की पहचान सीतापुर वार्ड एक निवासी सुरेश मेहता की 11 साल की बेटी प्रीति प्रिया और राजेश कुमार मेहता की 9 साल की बेटी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चियां आपस में गहरी दोस्त थीं और मंगलवार को दिन में अपने-अपने घरों के सामने खेल रही थीं। खेल-खेल में वे पास स्थित पोखर की ओर चली गईं, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया। पैर फिसलने से गहरे पानी में जाने की आशंका ग्रामीणों के अनुसार, जिस पोखर में दोनों बच्चियां डूबीं, वह घरों के काफी नजदीक स्थित है और उसके चारों ओर किसी तरह की घेराबंदी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि पोखर के किनारे खेलते समय बच्चियों का पैर फिसल गया, जिससे वे संतुलन खो बैठीं और गहरे पानी में चली गईं। तैरना नहीं जानने के कारण वे खुद को बचा नहीं सकीं। ग्रामीणों ने निकाला पोखर से बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान काफी देर तक बच्चियों के दिखाई नहीं देने पर आसपास के लोगों को शक हुआ। खोजबीन के दौरान ग्रामीण पोखर के पास पहुंचे, जहां पानी में हलचल दिखी। ग्रामीणों ने तत्काल पोखर में उतरकर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चियां बेहोश हालत में थीं। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित आनन-फानन में परिजन दोनों बच्चियों को रेफरल अस्पताल राघोपुर लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध हो गए और वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस, शुरू की कानूनी प्रक्रिया घटना की जानकारी करजाइन थाना को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल और फिर घटनास्थल पर पहुंची। करजाइन थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों बच्चियों की मौत पोखर में डूबने से हुई है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोखर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद गांव में पोखरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई ऐसे पोखर हैं, जिनके चारों ओर कोई घेराबंदी नहीं है। छोटे बच्चे अक्सर वहां खेलते रहते हैं, जिससे इस तरह के हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से पोखरों के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी कराने की मांग की है। एक साथ उठीं दो अर्थियां, गांव में छाया मातम एक ही मोहल्ले की दो मासूम बच्चियों की मौत से सीतापुर वार्ड एक में मातम पसरा हुआ है। शाम तक गांव में चूल्हे नहीं जले। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है। एक साथ दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आईं। परिजन बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद उनकी बच्चियां आज जिंदा होतीं। सुपौल के करजाइन थाना क्षेत्र से मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हरिरहा पंचायत के सीतापुर वार्ड संख्या एक में घर के सामने खेल रही दो मासूम बच्चियों की पोखर में डूबने से मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। घर के सामने खेल रही थीं दोनों सहेलियां मृत बच्चियों की पहचान सीतापुर वार्ड एक निवासी सुरेश मेहता की 11 साल की बेटी प्रीति प्रिया और राजेश कुमार मेहता की 9 साल की बेटी खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चियां आपस में गहरी दोस्त थीं और मंगलवार को दिन में अपने-अपने घरों के सामने खेल रही थीं। खेल-खेल में वे पास स्थित पोखर की ओर चली गईं, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया। पैर फिसलने से गहरे पानी में जाने की आशंका ग्रामीणों के अनुसार, जिस पोखर में दोनों बच्चियां डूबीं, वह घरों के काफी नजदीक स्थित है और उसके चारों ओर किसी तरह की घेराबंदी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि पोखर के किनारे खेलते समय बच्चियों का पैर फिसल गया, जिससे वे संतुलन खो बैठीं और गहरे पानी में चली गईं। तैरना नहीं जानने के कारण वे खुद को बचा नहीं सकीं। ग्रामीणों ने निकाला पोखर से बाहर, लेकिन नहीं बच सकी जान काफी देर तक बच्चियों के दिखाई नहीं देने पर आसपास के लोगों को शक हुआ। खोजबीन के दौरान ग्रामीण पोखर के पास पहुंचे, जहां पानी में हलचल दिखी। ग्रामीणों ने तत्काल पोखर में उतरकर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चियां बेहोश हालत में थीं। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित आनन-फानन में परिजन दोनों बच्चियों को रेफरल अस्पताल राघोपुर लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध हो गए और वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस, शुरू की कानूनी प्रक्रिया घटना की जानकारी करजाइन थाना को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल और फिर घटनास्थल पर पहुंची। करजाइन थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों बच्चियों की मौत पोखर में डूबने से हुई है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोखर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद गांव में पोखरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई ऐसे पोखर हैं, जिनके चारों ओर कोई घेराबंदी नहीं है। छोटे बच्चे अक्सर वहां खेलते रहते हैं, जिससे इस तरह के हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से पोखरों के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी कराने की मांग की है। एक साथ उठीं दो अर्थियां, गांव में छाया मातम एक ही मोहल्ले की दो मासूम बच्चियों की मौत से सीतापुर वार्ड एक में मातम पसरा हुआ है। शाम तक गांव में चूल्हे नहीं जले। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है। एक साथ दो अर्थियां उठने का दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भर आईं। परिजन बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद उनकी बच्चियां आज जिंदा होतीं।  

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