प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने आज लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्वरैया सभागार में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और दक्षता विकसित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में बोलते हुए, परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए जन जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार डीलर पॉइंट पर दोपहिया वाहनों की बिक्री के साथ दो हेलमेट अनिवार्य करने का नियम लागू कर रही है। इसके साथ ही “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नियम भी बनाया गया है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। दयाशंकर सिंह ने लोगों से दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और पीछे बैठे व्यक्ति को भी पहनने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने चार पहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का उपयोग करने, ओवर स्पीडिंग और ड्रंक एंड ड्राइविंग से बचने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जुर्माना लगाने का उद्देश्य लोगों को चेतावनी देना है ताकि उनके जीवन की रक्षा हो सके। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल ने कहा कि सड़क परिवहन सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला माध्यम है। राज्य सरकार सड़कों पर सुरक्षा के सभी इंतजाम कर रही है। सभी हितधारकों और विभागों के संयुक्त प्रयासों से सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सकता है। प्रमुख सचिव, पीडब्लूडी, अजय चौहान ने कहा कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और मीडिया के सामूहिक प्रयास से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य परिवहन विभाग के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़ना है, ताकि वे फील्ड में जाकर लोगों को जागरूक कर सकें।


