राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत संचालित बाल हृदय योजना के तहत सुपौल के हृदय रोग से पीड़ित दो मासूम बच्चों को बेहतर इलाज और सफल सर्जरी के लिए अहमदाबाद भेजा गया। गुरुवार को सदर अस्पताल सुपौल से जिला स्वास्थ्य समिति सुपौल द्वारा आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ एम्बुलेंस के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के लिए रवाना किया गया, जहां से उन्हें हवाई जहाज द्वारा अहमदाबाद भेजा जाएगा। उपचार के लिए भेजे गए बच्चों में सदर प्रखंड की माधुरी कुमारी (उम्र 2) एवं मरौना प्रखंड के आदित्य राज (उम्र 6 साल 8 महिना) शामिल हैं। दोनों बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हैं, जिनका चयन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्क्रीनिंग के दौरान किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर इन बच्चों की सर्जरी के लिए गुजरात स्थित प्रसिद्ध सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद में इलाज की व्यवस्था की गई है। एम्बुलेंस से सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया जिला स्वास्थ्य समिति, सुपौल द्वारा बच्चों एवं उनके परिजनों को शुभकामनाओं के साथ एम्बुलेंस से सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया। राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना से आगे की यात्रा हवाई जहाज के माध्यम से सुनिश्चित की गई है, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके और बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा, इलाज और सर्जरी से संबंधित सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किए जा रहे हैं। देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जा रही इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। बाल हृदय योजना के माध्यम से हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जा रही है, जिससे उनके जीवन को नया अवसर मिल सके। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत संचालित बाल हृदय योजना के तहत सुपौल के हृदय रोग से पीड़ित दो मासूम बच्चों को बेहतर इलाज और सफल सर्जरी के लिए अहमदाबाद भेजा गया। गुरुवार को सदर अस्पताल सुपौल से जिला स्वास्थ्य समिति सुपौल द्वारा आवश्यक सभी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ एम्बुलेंस के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के लिए रवाना किया गया, जहां से उन्हें हवाई जहाज द्वारा अहमदाबाद भेजा जाएगा। उपचार के लिए भेजे गए बच्चों में सदर प्रखंड की माधुरी कुमारी (उम्र 2) एवं मरौना प्रखंड के आदित्य राज (उम्र 6 साल 8 महिना) शामिल हैं। दोनों बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हैं, जिनका चयन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्क्रीनिंग के दौरान किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर इन बच्चों की सर्जरी के लिए गुजरात स्थित प्रसिद्ध सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद में इलाज की व्यवस्था की गई है। एम्बुलेंस से सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया जिला स्वास्थ्य समिति, सुपौल द्वारा बच्चों एवं उनके परिजनों को शुभकामनाओं के साथ एम्बुलेंस से सुरक्षित रूप से पटना भेजा गया। राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना से आगे की यात्रा हवाई जहाज के माध्यम से सुनिश्चित की गई है, ताकि समय पर इलाज संभव हो सके और बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा, इलाज और सर्जरी से संबंधित सभी खर्च सरकार द्वारा वहन किए जा रहे हैं। देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जा रही इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। बाल हृदय योजना के माध्यम से हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जा रही है, जिससे उनके जीवन को नया अवसर मिल सके।


