राजगीर मकर मेला में दो दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन:पहलवानों को मिलेगा पारंपरिक खेल का मंच, ऑनलाइन करा सकते हैं आवेदन रजिस्ट्रेशन

राजगीर मकर मेला में दो दिवसीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन:पहलवानों को मिलेगा पारंपरिक खेल का मंच, ऑनलाइन करा सकते हैं आवेदन रजिस्ट्रेशन

पर्यटन नगरी राजगीर में 14 से 20 जनवरी तक सात दिवसीय मकर मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान 15 और 16 जनवरी को दंगल प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। यह प्रतियोगिता कुंड परिक्षेत्र राजगीर के धुनिवर से पूर्व स्थित मैदान में आयोजित होगी, जहां पारंपरिक कुश्ती की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह प्रतियोगिता प्रतिदिन सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगी। स्थानीय और बाहरी पहलवानों को इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा। नामांकन की प्रक्रिया एवं समय-सीमा आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सभी इच्छुक पहलवानों को 15 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच अनिवार्य रूप से अपना नामांकन कराना होगा। नामांकन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पहलवान ऑनलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं । आयोजन समिति ने इसके लिए एक विशेष लिंक(https://forms.gle/QS6hbnykDLqthfeb9) उपलब्ध कराया है, जिससे दूरदराज के पहलवान भी पूर्व में ही अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कर सकें। वजन एवं श्रेणी के आधार पर होगी प्रतिस्पर्धा इस प्रतियोगिता की एक विशेषता यह है कि पहलवानों की जोड़ी उनके वजन एवं श्रेणी के अनुसार लगाई जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा में निष्पक्षता एवं समानता बनी रहे। संचालन समिति द्वारा प्रत्येक मुकाबले का समय निर्धारण किया जाएगा, जो सभी प्रतिभागियों के लिए बाध्यकारी होगा। आयोजकों ने यह भी सूचित किया है कि कुश्ती प्रतियोगिता का आरंभ केवल उन्हीं पहलवानों के बीच होगा जिन्होंने समय पर अपना नामांकन कराया होगा। यह नियम प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए अपनाया गया है। मकर मेला की सांस्कृतिक परंपरा राजगीर का मकर मेला बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का संगम होता है। इस वर्ष कुश्ती प्रतियोगिता के आयोजन से मेले की गरिमा में और वृद्धि होने की आशा है। स्थानीय खेल प्रेमियों एवं दर्शकों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में यह आयोजन एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र आयोजकों ने सभी दर्शकों को भी इस भव्य आयोजन में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया है। पारंपरिक कुश्ती के रोमांच को प्रत्यक्ष देखने का यह एक दुर्लभ अवसर होगा। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी यह आयोजन आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है। पर्यटन नगरी राजगीर में 14 से 20 जनवरी तक सात दिवसीय मकर मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान 15 और 16 जनवरी को दंगल प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। यह प्रतियोगिता कुंड परिक्षेत्र राजगीर के धुनिवर से पूर्व स्थित मैदान में आयोजित होगी, जहां पारंपरिक कुश्ती की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह प्रतियोगिता प्रतिदिन सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगी। स्थानीय और बाहरी पहलवानों को इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा। नामांकन की प्रक्रिया एवं समय-सीमा आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सभी इच्छुक पहलवानों को 15 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच अनिवार्य रूप से अपना नामांकन कराना होगा। नामांकन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पहलवान ऑनलाइन पंजीकरण भी करा सकते हैं । आयोजन समिति ने इसके लिए एक विशेष लिंक(https://forms.gle/QS6hbnykDLqthfeb9) उपलब्ध कराया है, जिससे दूरदराज के पहलवान भी पूर्व में ही अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कर सकें। वजन एवं श्रेणी के आधार पर होगी प्रतिस्पर्धा इस प्रतियोगिता की एक विशेषता यह है कि पहलवानों की जोड़ी उनके वजन एवं श्रेणी के अनुसार लगाई जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा में निष्पक्षता एवं समानता बनी रहे। संचालन समिति द्वारा प्रत्येक मुकाबले का समय निर्धारण किया जाएगा, जो सभी प्रतिभागियों के लिए बाध्यकारी होगा। आयोजकों ने यह भी सूचित किया है कि कुश्ती प्रतियोगिता का आरंभ केवल उन्हीं पहलवानों के बीच होगा जिन्होंने समय पर अपना नामांकन कराया होगा। यह नियम प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए अपनाया गया है। मकर मेला की सांस्कृतिक परंपरा राजगीर का मकर मेला बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का संगम होता है। इस वर्ष कुश्ती प्रतियोगिता के आयोजन से मेले की गरिमा में और वृद्धि होने की आशा है। स्थानीय खेल प्रेमियों एवं दर्शकों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में यह आयोजन एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र आयोजकों ने सभी दर्शकों को भी इस भव्य आयोजन में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया है। पारंपरिक कुश्ती के रोमांच को प्रत्यक्ष देखने का यह एक दुर्लभ अवसर होगा। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी यह आयोजन आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है।  

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