सिटी रिपोर्टर | शेखपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज, शेखपुरा में इनोवेटिंग फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर और कल्टीवेटिंग ए सक्सेस माइंडसेट, एंटरप्रेन्योरशिप एंड एकेडमिक एक्सीलेंस शीर्षक पर दो दिवसीय ज्ञान शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन सतत भविष्य के लिए नवाचार, उद्यमिता और शैक्षणिक उत्कृष्टता पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में कॉलेज के समस्त फैकल्टी सदस्य एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) एस.एन. उपाध्याय,पूर्व निदेशक आईआईटी, बीएचयू वाराणसी रहे। जबकि अतिथि के रूप में डॉ पी.के. मिश्रा,पूर्व कुलपति एकेटीयू लखनऊ तथा डॉ आर.के. मिश्रा आईआईटी बीएचयू वाराणसी उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ संदीप तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ पी.के. मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनेक महान व्यक्तित्वों एवं वास्तविक जीवन के नायकों के उदाहरण प्रस्तुत कर प्रेरणा प्रदान की। मुख्य अतिथि डॉ एस.एन. उपाध्याय ने अपनी अनूठी शैली में छात्रों को प्रेरित किया। जबकि डॉ आर.के. मिश्रा ने व्यक्तिगत विकास के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने ड्यूएट एवं समूहों द्वारा नृत्य प्रदर्शन तथा गीत प्रस्तुत की। सत्र का समापन डीन एकेडमिक डॉ. जयशंकर प्रसाद केशरी के उत्कृष्ट भाषण से हुआ। सिटी रिपोर्टर | शेखपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज, शेखपुरा में इनोवेटिंग फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर और कल्टीवेटिंग ए सक्सेस माइंडसेट, एंटरप्रेन्योरशिप एंड एकेडमिक एक्सीलेंस शीर्षक पर दो दिवसीय ज्ञान शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन सतत भविष्य के लिए नवाचार, उद्यमिता और शैक्षणिक उत्कृष्टता पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम में कॉलेज के समस्त फैकल्टी सदस्य एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) एस.एन. उपाध्याय,पूर्व निदेशक आईआईटी, बीएचयू वाराणसी रहे। जबकि अतिथि के रूप में डॉ पी.के. मिश्रा,पूर्व कुलपति एकेटीयू लखनऊ तथा डॉ आर.के. मिश्रा आईआईटी बीएचयू वाराणसी उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ संदीप तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ पी.के. मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनेक महान व्यक्तित्वों एवं वास्तविक जीवन के नायकों के उदाहरण प्रस्तुत कर प्रेरणा प्रदान की। मुख्य अतिथि डॉ एस.एन. उपाध्याय ने अपनी अनूठी शैली में छात्रों को प्रेरित किया। जबकि डॉ आर.के. मिश्रा ने व्यक्तिगत विकास के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने ड्यूएट एवं समूहों द्वारा नृत्य प्रदर्शन तथा गीत प्रस्तुत की। सत्र का समापन डीन एकेडमिक डॉ. जयशंकर प्रसाद केशरी के उत्कृष्ट भाषण से हुआ।


