नेशनल यूथ प्रोजेक्ट ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा पंजाब के आनंदपुर साहिब में आयोजित “अन्तरधार्मिक एवं सांप्रदायिक सद्भाव – सह – राष्ट्रीय एकता शिविर” में बूंदी जिले की दो बालिकाओं का चयन हुआ है। रामेष्ट युवा मंडल से चयनित जागृति कौर और शांभवी शर्मा ने इस प्रतिष्ठित शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन दोनों प्रतिभागियों ने न केवल बूंदी जिले का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और युवाओं की सोच को भी मजबूती से प्रस्तुत किया। शिविर के दौरान, उन्हें राष्ट्रीय एकता, अन्तरधार्मिक सद्भाव, सामाजिक समरसता, नेतृत्व विकास, मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, समूह चर्चा और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। शिविर के अंतर्गत, प्रतिभागियों ने आनंदपुर साहिब के साथ-साथ आसपास के प्रमुख ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थलों का भी दौरा किया। इनमें नैना देवी, रूपनगर वेटलैंड्स, भाखड़ा-नांगल डैम, झज्जर-बचौली वन्यजीव अभयारण्य, विरासत-ए-खालसा संग्रहालय, गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब शामिल थे। इन भ्रमणों से उन्हें देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला। यह शिविर सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित था। उनके जीवन और बलिदान से युवाओं को सत्य, साहस, मानवता और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा मिली। इस अवसर पर, रामेष्ट युवा मंडल के अध्यक्ष शिखर पंचोली और सचिव रोहन गुर्जर ने जागृति कौर और शांभवी को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और ऐसे राष्ट्रीय शिविर युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करते हैं।


