सहरसा सदर अस्पताल में शनिवार रात दो युवकों की मौत के बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल में तोड़फोड़ की। करीब 15 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद सहरसा सदर थाने की पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इधर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर भी जान बचाकर भाग निकले। मृतक युवकों की पहचान मो. सुब्हान के बेटे 25 वर्षीय मोहम्मद उमर और मोहम्मद मजलिस के बेटे 22 वर्षीय मोहम्मद अलीशेर के रूप में हुई है। दोनों बिहरा थाना अंतर्गत बिजलपुर वार्ड नंबर 1 के निवासी और चचेरे भाई थे। वाहन ने बुलेट पर सवार युवकों को कुचला मृतक के परिजन मोहम्मद इसराइल ने बताया कि शनिवार देर शाम दोनों मुरली गांव से रहा चौक के रास्ते अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने बुलेट पर सवार दोनों युवकों को कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत दोनों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज में अनदेखी की और उन्हें रेफर कर दिया, जिसके कारण दोनों युवकों की मौत हो गई। डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में स्ट्रेचर तोड़ दिए और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। लगभग 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उनके हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जाएगी। सहरसा सदर अस्पताल में शनिवार रात दो युवकों की मौत के बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल में तोड़फोड़ की। करीब 15 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद सहरसा सदर थाने की पुलिस के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इधर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर भी जान बचाकर भाग निकले। मृतक युवकों की पहचान मो. सुब्हान के बेटे 25 वर्षीय मोहम्मद उमर और मोहम्मद मजलिस के बेटे 22 वर्षीय मोहम्मद अलीशेर के रूप में हुई है। दोनों बिहरा थाना अंतर्गत बिजलपुर वार्ड नंबर 1 के निवासी और चचेरे भाई थे। वाहन ने बुलेट पर सवार युवकों को कुचला मृतक के परिजन मोहम्मद इसराइल ने बताया कि शनिवार देर शाम दोनों मुरली गांव से रहा चौक के रास्ते अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने बुलेट पर सवार दोनों युवकों को कुचल दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत दोनों को इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज में अनदेखी की और उन्हें रेफर कर दिया, जिसके कारण दोनों युवकों की मौत हो गई। डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में स्ट्रेचर तोड़ दिए और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। लगभग 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उनके हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जाएगी।


