अररिया जिले में अवैध हथियार रखने के एक मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हो गई है। अररिया व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-4 ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जोगबनी थाना क्षेत्र से संबंधित है। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों की पहचान पंकज कुमार साह (पुत्र दिलीप शाह, निवासी दक्षिण माहेश्वरी) और मोहम्मद हब्बू उर्फ अलीशेख (पुत्र मोहम्मद सुलेमान, निवासी हरनीभोक) के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त जोकीहाट थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों दोषियों को 3 साल का जेल न्यायालय ने आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोनों को दोषी पाया। प्रत्येक को तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्तों को अतिरिक्त तीन-तीन महीने का सश्रम कारावास भुगतना होगा। 2020 में जोगबनी थाने में हुआ था केस दर्ज सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह मामला वर्ष 2020 में जोगबनी थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने अभियुक्तों के पास से अवैध हथियार बरामद किए थे। लंबी सुनवाई और प्रस्तुत किए गए सबूतों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी ठहराया। इस फैसले से जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को मजबूती मिली है। अररिया जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। अररिया जिले में अवैध हथियार रखने के एक मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हो गई है। अररिया व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-4 ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जोगबनी थाना क्षेत्र से संबंधित है। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों की पहचान पंकज कुमार साह (पुत्र दिलीप शाह, निवासी दक्षिण माहेश्वरी) और मोहम्मद हब्बू उर्फ अलीशेख (पुत्र मोहम्मद सुलेमान, निवासी हरनीभोक) के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त जोकीहाट थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों दोषियों को 3 साल का जेल न्यायालय ने आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत दोनों को दोषी पाया। प्रत्येक को तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्तों को अतिरिक्त तीन-तीन महीने का सश्रम कारावास भुगतना होगा। 2020 में जोगबनी थाने में हुआ था केस दर्ज सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह मामला वर्ष 2020 में जोगबनी थाने में दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने अभियुक्तों के पास से अवैध हथियार बरामद किए थे। लंबी सुनवाई और प्रस्तुत किए गए सबूतों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी ठहराया। इस फैसले से जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को मजबूती मिली है। अररिया जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में लगातार सख्ती बरती जा रही है।


