भोजपुर में किराना दुकानदार कामेश्वर सिंह उर्फ साधु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान बौलीपुर गांव निवासी मनोज कुमार और सत्येंद्र राम के तौर पर हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई है। लंबे समय से चल रहा विवाद ही इस सनसनीखेज वारदात की जड़ है। घटना 8 जनवरी 2026 की रात की है, जब कामेश्वर सिंह अपनी किराना दुकान बंद कर अपने दोनों बेटों के साथ पैदल घर लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही पहले से घात लगाए हथियारबंद अपराधियों ने अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाते हुए उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल कामेश्वर सिंह को परिजनों ने तुरंत जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पटीदार ने बेची थी जमीन मृतक के पुत्र सुधन कुमार के बयान पर चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें भूमि विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया था। पाटीदार ने उनके हिस्से की जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दी थी, जिसको लेकर करीब 12 साल पहले कोर्ट में वाद दायर किया गया था। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। भोजपुर में किराना दुकानदार कामेश्वर सिंह उर्फ साधु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान बौलीपुर गांव निवासी मनोज कुमार और सत्येंद्र राम के तौर पर हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में जमीन विवाद की बात सामने आई है। लंबे समय से चल रहा विवाद ही इस सनसनीखेज वारदात की जड़ है। घटना 8 जनवरी 2026 की रात की है, जब कामेश्वर सिंह अपनी किराना दुकान बंद कर अपने दोनों बेटों के साथ पैदल घर लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही पहले से घात लगाए हथियारबंद अपराधियों ने अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाते हुए उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल कामेश्वर सिंह को परिजनों ने तुरंत जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पटीदार ने बेची थी जमीन मृतक के पुत्र सुधन कुमार के बयान पर चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसमें भूमि विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया था। पाटीदार ने उनके हिस्से की जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बेच दी थी, जिसको लेकर करीब 12 साल पहले कोर्ट में वाद दायर किया गया था। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।


