रेलवे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों पर रोक लगाने बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब ट्रेनों में टिकट जांच करने वाले टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। पहले चरण में रेलवे 50 कैमरे खरीदेगा और टीटीई को इसके संचालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जनवरी से ड्यूटी के दौरान कैमरा अनिवार्य रूप से चालू रखना होगा, केवल विश्राम के समय इसे बंद किया जा सकेगा। विवाद की स्थिति में पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी, जिसे अधिकारी साक्ष्य के रूप में देख सकेंगे। रायपुर रेल मंडल में करीब 240 टीटीई कार्यरत हैं और रोजाना 120 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। भविष्य में यह व्यवस्था इंक्वायरी और पार्सल सेक्शन के कर्मचारियों पर भी लागू होगी। कैमरों में एचडी वीडियो, नाइट विजन और लंबी बैटरी बैकअप की सुविधा होगी। ऐसे काम करेगा बॉडी-वॉर्न कैमरा सफाई-सुविधाओं की होगी निगरानी
रायपुर रेल मंडल ने ट्रेनों की सफाई और सुविधाओं की निगरानी के लिए भी नई पहल शुरू की है। अब टीटीई टिकट जांच के साथ-साथ कोच की सफाई, पानी की उपलब्धता और यात्रियों को मिलने वाले बेडरोल की स्थिति की भी जांच कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है और वीडियो कंट्रोल रूम भेजा जा रहा है। रेल यात्रियों को होगा ये फायदा
रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को राहत मिलेगी। गलत व्यवहार या नियमों के खिलाफ जुर्माना वसूली की स्थिति में यात्री रिकॉर्डिंग के आधार पर शिकायत कर सकेंगे। इसके अलावा बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी पुख्ता सबूत मिलेंगे। रियल-टाइम रिकॉर्डिंग होगी
^ टीटीई के साथ-साथ पार्सल और इंक्वायरी काउंटर पर कार्यरत कर्मचारियों को भी बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इससे रियल-टाइम रिकॉर्डिंग होगी और यात्रियों द्वारा कार्य में बाधा नहीं डाली जा सकेगी। यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा के लिए लागू की जा रही है।-अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम रायपुर मंडल


