अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बुधवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। दोनों के बीच गाजा में जारी संघर्ष और युद्धविराम योजना के अगले चरण पर बातचीत हुई। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा- नेतन्याहू के साथ बैठक अच्छी और सकारात्मक रही। ट्रम्प ने लिखा कि ईरान के साथ चल रही संभावित बातचीत और समझौते की संभावना पर चर्चा की हुई है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका चाहता है कि पहले बातचीत से हल निकले, लेकिन जरूरत पड़ी तो सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। अगर समझौता हो सकता है तो यह बेहतर होगा, नहीं हुआ तो आगे क्या कदम उठाना है, इस पर फैसला किया जाएगा। ट्रम्प ने जून 2025 में ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन मिडनाइड हैमर’ का जिक्र किया। लिखा कि पिछली बार ईरान ने समझौता नहीं किया था और उसे मिडनाइट हैमर का सामना करना पड़ा, जो उनके लिए ठीक नहीं रहा। 27 जनवरी: नेतन्याहू बोले- गाजा में अमेरिका के कारण हमारे सैनिक मरे इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि अमेरिका की वजह से इजराइल के कई सैनिक मारे गए हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक उन्होंने कहा था कि हमास के खिलाफ गाजा जंग के दौरान हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई रोक दी गई थी। नेतन्याहू ने कहा था कि इजराइल के पास जरूरी गोला-बारूद खत्म हो गया था, इस वजह से कुछ सैनिकों की जान चली गई। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस वजह से कितने सैनिकों की मौत हुई। इजराइली पीएम ने सीधे तौर पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि यह हथियार रोक तब खत्म हुई जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति बने। पूरी खबर पढ़ें… नेतन्याहू बोले- अलग फिलिस्तीन किसी हाल में नहीं बनेगा नेतन्याहू ने यह भी कहा था कि एक अलग फिलिस्तीनी देश बनने की कोई संभावना नहीं है और न ही ऐसा होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक दोनों पर कंट्रोल बनाए रखेगा, भले ही बाकी देश एक अलग फिलिस्तीन को मान्यता देते रहें। नेतन्याहू ने कहा कि टू स्टेट सॉल्यूशन (द्वि राष्ट्र समाधान) को लागू होने से उन्होंने बार-बार रोका है। नेतन्याहू ने दोहराया कि इजराइल जॉर्डन नदी से लेकर समुद्र तक कंट्रोल बनाए रखेगा। उन्होंने ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के हालिया बयानों का भी जिक्र किया। अमेरिका ने इलाके में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किया है। नेतन्याहू ने कहा कि ट्रम्प अपना फैसला खुद लेंगे और इजराइल अपना। लेकिन अगर ईरान ने इजराइल पर हमला करने की बड़ी गलती की, तो इजराइल ऐसा जवाब देगा, जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा।
इजराइल को हर साल ₹32,000 करोड़ की सहायता दे रहा अमेरिका वॉर पावर इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इजराइल को हर साल लगभग 3.8 अरब डॉलर (करीब 32,000 करोड़ रुपये) का सैन्य सहायता देता है। यह मुख्य रूप से फॉरेन मिलिट्री फाइनेंसिंग (FMF) के तहत होता है, जिसमें 3.3 अरब डॉलर सामान्य हथियार खरीद के लिए और 500 मिलियन डॉलर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए दिए जाते हैं। यह सहायता 2016 में साइन हुए 10 साल के समझौते के तहत दी जाती है। यह 2019 से शुरू हुआ और 2028 तक चलेगा। इस MOU के तहत कुल 38 अरब डॉलर की सहायता का वादा किया गया था, जो हर साल बराबर किश्तों में मिलती है। यह समझौता ओबामा प्रशासन में हुआ था। अमेरिकी कांग्रेस हर साल इसे अप्रूव करती है। इसके अलावा अक्टूबर 2023 से गाजा युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका ने अतिरिक्त सहायता दी है। 2023-2025 तक कुल 21.7 अरब डॉलर से ज्यादा मिलिट्री एड दी गई है, जिसमें 2024 में 8.7 अरब डॉलर का स्पेशल पैकेज शामिल है। 2025 में भी सालाना 3.8 अरब डॉलर के आसपास जारी रही और ट्रम्प प्रशासन ने मार्च 2025 में इमरजेंसी अथॉरिटी से 4 अरब डॉलर की फास्ट-ट्रैक सहायता दी। कुल मिलाकर, अक्टूबर 2023 से अब तक करीब 17-22 अरब डॉलर या उससे ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है। इजराइल की सेना दुनिया में 15वें नंबर पर इजराइल की सैन्य शक्ति दुनिया में सबसे मजबूत और उन्नत मानी जाती है। जनवरी 2026 तक, ग्लोबल फायर पावर (GFP) की रैंकिंग के अनुसार, इजराइल 145 देशों में 15वें स्थान पर है। इसका पावर इंडेक्स स्कोर 0.2661 है (जितना कम स्कोर, उतनी ज्यादा ताकत)। यह टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग और रणनीति के कारण इतनी ऊंची रैंकिंग रखता है। वहीं, अमेरिका की सेना दुनिया में नंबर 1 पर है। गाजा जंग में 1 हजार से ज्यादा सैनिकों की मौत हुई थी इजराइल-हमास युद्ध में 2023 से अब तक करीब 900 से 1,150 इजराइली सैनिकों की मौत हुई है। इजराइली अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवंबर 2025 तक कुल 922 सैनिकों की मौत हुई है। इसमें से 471 गाजा में ग्राउंड ऑपरेशंस और बॉर्डर पर ऑपरेशंस के दौरान मारे गए। इजराइली सेना ने खुद 1,152 सैनिकों की मौत स्वीकार की है, जिसमें से ज्यादातर 7 अक्टूबर 2023 के हमले और उसके बाद के ग्राउंड ऑपरेशंस में हुईं। जंग के करीब ढाई साल बीते, खंडहर हुआ गाजा हमास के हमले से शुरू हुए गाजा युद्ध के दो साल से ज्यादा हो गए हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल में घुसपैठ की और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया। जवाब में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत जंग का ऐलान किया और हमास पर हमले शुरू कर दिए। इन दो सालों में गाजा की 98% खेती की जमीन बंजर हो गई है। अब सिर्फ 232 हेक्टेयर जमीन ही उपजाऊ बची है। यहां फिर से खेती शुरू करने में 25 साल लगेंगे। जंग की वजह से गाजा के 23 लाख लोगों में से 90% बेघर हो गए हैं। ये बिना पानी-बिजली के तंबुओं में रह रहे हैं और आधे से ज्यादा भुखमरी झेल रहे हैं। 80% इलाका मिलिट्री जोन बन चुका है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में जमा 510 लाख टन मलबा हटाने में 10 साल और 1.2 ट्रिलियन डॉलर लग सकते हैं। 80% इमारतें तबाह हो गई हैं, जिससे 4.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। ………………………….. ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- दूसरा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा: नए समझौते पर सहमति का दबाव बनाया; एक जंगी बेड़ा पहले ही पहुंच चुका है ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ शिकंजा और कसने की तैयारी में है। अमेरिका ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
व्हाइट हाउस में ट्रम्प-नेतन्याहू की मुलाकात:अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- बैठक अच्छी और सकारात्मक रही; ऑपरेशन मिडनाइड हैमर का जिक्र किया


