मिडिल ईस्ट (Middle East) में युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) के ईरान (Iran) पर हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (Ali Khamenei) समेत कई ईरानी मंत्री और सैन्य कमांडर मारे गए हैं। ईरान में अब तक काफी नुकसान हो चुका है। हालांकि इन हमलों के जवाब में ईरान भी पलटवार कर रहा है। ईरान न सिर्फ इज़रायल पर हमले कर रहा है, बल्कि बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, ओमान, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। ईरान की कुछ मिसाइलें सीरिया में भी गिरी हैं। ईरान के हमलों से इन देशों में नुकसान भी हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जान-माल के भारी नुकसान के बावजूद ईरान ने भी पीछे न हटने का फैसला लिया है।
अमेरिकी सैनिकों की मौत
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान निशाना बना रहा है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमलों में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और 5 गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि ईरान का कहना है कि ईरानी हमलों में मारे जाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या ज़्यादा है, लेकिन अमेरिका की तरफ से ईरान के दावे को खारिज कर दिया गया है। युद्ध में इज़रायल और ईरान के सामान्य नागरिक भी मारे गए हैं और मिडिल ईस्ट के अन्य देशों में जहाँ ईरान ने हमले किए हैं, वहाँ भी कुछ नागरिक मारे गए हैं। इस युद्ध में कई लोग घायल भी हुए हैं।
ट्रंप का फूटा गुस्सा, बदला लेने की दी धमकी
अमेरिकी सैनिकों की मौत पर राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा फूट गया है। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मौत का ईरान से बदला लेने की धमकी दी है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि इस युद्ध में अमेरिका के और सैनिक भी मारे जा सकते हैं क्योंकि युद्ध में ऐसा ही होता है।


