जमुई के खैरा थाना क्षेत्र स्थित नरियाणा पुल पर सोमवार दोपहर एक 18 चक्का ट्रक डिवाइडर में फंस गया। बड़े वाहनों के लिए प्रतिबंधित इस पुल पर ट्रक के चढ़ने से NH-333A पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लग गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। नरियाणा पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर पहले से ही प्रतिबंध है। पुल के दोनों छोर पर दीवारें खड़ी कर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि केवल छोटे वाहन ही गुजर सकें। इसके बावजूद, चालक की लापरवाही या जानकारी के अभाव में यह भारी ट्रक पुल पर चढ़ गया और आगे निकलने के प्रयास में डिवाइडर में फंस गया। ट्रक को पीछे हटवाकर ट्रैफिक बहाल किया घटना की सूचना मिलते ही खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ट्रक को पीछे हटवाकर यातायात बहाल किया। इस दौरान जाम में फंसे यात्रियों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की मांग उल्लेखनीय है कि NH-333A सड़क सोनो क्षेत्र से होते हुए झारखंड के देवघर को जोड़ती है, जिस कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जमुई के खैरा थाना क्षेत्र स्थित नरियाणा पुल पर सोमवार दोपहर एक 18 चक्का ट्रक डिवाइडर में फंस गया। बड़े वाहनों के लिए प्रतिबंधित इस पुल पर ट्रक के चढ़ने से NH-333A पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लग गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। नरियाणा पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर पहले से ही प्रतिबंध है। पुल के दोनों छोर पर दीवारें खड़ी कर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि केवल छोटे वाहन ही गुजर सकें। इसके बावजूद, चालक की लापरवाही या जानकारी के अभाव में यह भारी ट्रक पुल पर चढ़ गया और आगे निकलने के प्रयास में डिवाइडर में फंस गया। ट्रक को पीछे हटवाकर ट्रैफिक बहाल किया घटना की सूचना मिलते ही खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ट्रक को पीछे हटवाकर यातायात बहाल किया। इस दौरान जाम में फंसे यात्रियों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भारी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की मांग उल्लेखनीय है कि NH-333A सड़क सोनो क्षेत्र से होते हुए झारखंड के देवघर को जोड़ती है, जिस कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी गाड़ियों पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


