सोनपुर के हरिहर क्षेत्र स्थित पुरानी गंडक पुल घाट पर फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी महाआरती का आयोजन किया गया। मंगलवार शाम को हुई इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसका आयोजन माँ तारा सेवा निधि कौनहारा हरिपुर वैशाली के सौजन्य से किया गया था। महाआरती का शुभारंभ महाकाल बाबा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान नारायणी, गंगा और सोनभद्र का पूजन किया गया। अर्चकों ने शंख ध्वनि की, और दीपों की रोशनी से घाट जगमगा उठा। जलधारा पर तैरते दीपों की कतारें एक सुंदर दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हाथों में दीप लेकर आरती में भाग लिया। महाआरती का समापन महाकाल बाबा के आशीर्वचनों के साथ हुआ। इस दौरान “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” जैसे नारे भी लगाए गए। इस आरती के सफल आयोजन में समाजसेवी लालबाबू पटेल, आचार्य अनिल, अर्जुन, अविनाश, आदित्य, मुकेश, कुंदन और राजा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सोनपुर के हरिहर क्षेत्र स्थित पुरानी गंडक पुल घाट पर फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी महाआरती का आयोजन किया गया। मंगलवार शाम को हुई इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इसका आयोजन माँ तारा सेवा निधि कौनहारा हरिपुर वैशाली के सौजन्य से किया गया था। महाआरती का शुभारंभ महाकाल बाबा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस दौरान नारायणी, गंगा और सोनभद्र का पूजन किया गया। अर्चकों ने शंख ध्वनि की, और दीपों की रोशनी से घाट जगमगा उठा। जलधारा पर तैरते दीपों की कतारें एक सुंदर दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हाथों में दीप लेकर आरती में भाग लिया। महाआरती का समापन महाकाल बाबा के आशीर्वचनों के साथ हुआ। इस दौरान “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” जैसे नारे भी लगाए गए। इस आरती के सफल आयोजन में समाजसेवी लालबाबू पटेल, आचार्य अनिल, अर्जुन, अविनाश, आदित्य, मुकेश, कुंदन और राजा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


