कर्रेगुट्टा हिल्स पर पहली बार फहराया गया तिरंगा:नक्सल गढ़ में मनाया गया गणतंत्र दिवस, सुरक्षा कैंपों के बाद बदले हालात

कर्रेगुट्टा हिल्स पर पहली बार फहराया गया तिरंगा:नक्सल गढ़ में मनाया गया गणतंत्र दिवस, सुरक्षा कैंपों के बाद बदले हालात

बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा हिल्स की लगभग 5,000 फीट ऊंची पहाड़ियों पर आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह क्षेत्र दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है और इसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। नवीन सुरक्षा कैंप में जवानों ने ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस मनाया। 26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले के कई सुदूर गांवों में भी पहली बार राष्ट्रीय पर्व का आयोजन किया गया। इन क्षेत्रों में पहले राष्ट्रीय पर्व मनाना जोखिम भरा माना जाता था। सुरक्षा बलों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने मिलकर ध्वजारोहण किया। बच्चों और ग्रामीणों ने प्रभात फेरी निकालकर ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षाबलों की निरंतर कार्रवाई और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से जिले में स्थिति सामान्य हो रही है। 15 अगस्त 2025 के बाद से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 31 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा कैंपों से बढ़ी भागीदारी और विकास की रफ्तार इन कैंपों ने प्रशासन और सुरक्षा की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित की है। परिणामस्वरूप, इस वर्ष 31 नए गांवों में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने पहली बार सुरक्षा बलों के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया। सुरक्षा कैंपों की स्थापना से कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और विकास कार्यों को भी गति मिली है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और बैंकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं अब धीरे-धीरे दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही हैं। नक्सल भय से मुक्ति की ओर बढ़ता बीजापुर सुरक्षा की भावना बढ़ने से ग्रामीण स्वयं राष्ट्रीय आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह आयोजन बीजापुर के इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। यह क्षेत्र अब नक्सल के भय से मुक्त होकर शांति और लोकतंत्र की ओर बढ़ रहा है, जो बस्तर के विकास की कहानी को दर्शाता है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *