श्योपुर जिले के मसावानी गांव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और पौधारोपण करने पहुंची वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला हुआ है। मंगलवार को हुई इस घटना में आदिवासी समाज के कुछ लोगों ने एकजुट होकर वनकर्मियों को घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक वनपाल घायल हुए हैं और 3-4 सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। वनपाल हीरा लाल सेन ने आवदा थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वे अपनी टीम के साथ मसावानी क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अचानक हमला कर दिया। हमले में हीरा लाल सेन को चोटें आई हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई। अचानक हुए इस हमले के कारण वन विभाग की टीम को काम छोड़कर पीछे हटना पड़ा। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और भारी नुकसान हमलावरों ने न केवल वनकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि विभागीय वाहनों को भी निशाना बनाया। पत्थरबाजी और लाठियों के प्रहार से गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मौके पर मची अफरा-तफरी के बाद हमलावर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह विवाद वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। पुलिस जांच और सुरक्षा की मांग आवदा थाना प्रभारी राहुल राजपूत के मुताबिक, वन विभाग की ओर से आवेदन मिला है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हमलावरों की पहचान कर रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है। विभागीय अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए मांग की है कि भविष्य में ऐसी संवेदनशील कार्रवाइयों के दौरान अनिवार्य रूप से पुलिस बल तैनात किया जाए।


