बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 2026 तक आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी होते ही शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पूरे कैलेंडर में कहीं भी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का जिक्र नहीं किया गया है। इसे लेकर अभ्यर्थियों का मानना है कि सरकार की मंशा TRE-4 को टालने की है। कैलेंडर से TRE-4 के गायब रहने से हजारों अभ्यर्थियों में गुस्सा और निराशा दोनों बढ़ गई हैं। शिक्षक अभ्यर्थी आज TRE 4 और लाइब्रेरियन वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों में उतरकर प्रदर्शन करेंगे। पटना कॉलेज से प्रदर्शन की शुरूआत 11 बजे होगी, जो जेपी गोलंबर तक जाएगी। TRE-4 गायब, सरकार की नीयत पर सवाल पिछले सोमवार को जारी BPSC के परीक्षा कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE), न्यायिक सेवा, APO, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तिथियां दी गई हैं। इस कैलेंडर में विशेष शिक्षक, सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी जिक्र है, लेकिन TRE-4 पूरी तरह नदारद है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या सरकार शिक्षक भर्ती को जानबूझकर लटका रही है। छात्र नेता खुशबू पाठक ने आंदोलन का किया आह्वान TRE-4 को लेकर छात्र नेता खुशबू पाठक ने सरकार और आयोग पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हम लोग पिछले दो साल से TRE-4 का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार कान में तेल डालकर सोई हुई है।’ खुशबू पाठक ने कहा कि, ‘आज 9 फरवरी को पटना में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत पटना कॉलेज से होगी। चूंकि इस समय विधानसभा सत्र भी चल रहा है।’ सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है- छात्र संगठन अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था। बाद में यह संख्या घटाकर करीब 26 हजार कर दी गई। अब हालात ऐसे हैं कि सरकार उतनी वैकेंसी भी देने को तैयार नहीं दिख रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। शिक्षा मंत्री ने TRE-4 पर रखा था अपना पक्ष शिक्षा मंत्री ने हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में TRE-4 को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां दो साल में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह कोई निजी भर्ती नहीं, बल्कि पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें रोस्टर क्लियरेंस जरूरी होता है।’ मंत्री के अनुसार, चुनाव की वजह से भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई। फिलहाल आधे जिलों से रोस्टर क्लियरेंस मिल चुका है, जबकि बाकी जिलों का इंतजार है। रोस्टर मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग आरक्षण नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करेगा। 25 हजार पदों पर भर्ती की उम्मीद शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि इस बार करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है। किस विषय में कितनी जरूरत है, इसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया था कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू होगी। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 2026 तक आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का परीक्षा कैलेंडर जारी होते ही शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पूरे कैलेंडर में कहीं भी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का जिक्र नहीं किया गया है। इसे लेकर अभ्यर्थियों का मानना है कि सरकार की मंशा TRE-4 को टालने की है। कैलेंडर से TRE-4 के गायब रहने से हजारों अभ्यर्थियों में गुस्सा और निराशा दोनों बढ़ गई हैं। शिक्षक अभ्यर्थी आज TRE 4 और लाइब्रेरियन वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना की सड़कों में उतरकर प्रदर्शन करेंगे। पटना कॉलेज से प्रदर्शन की शुरूआत 11 बजे होगी, जो जेपी गोलंबर तक जाएगी। TRE-4 गायब, सरकार की नीयत पर सवाल पिछले सोमवार को जारी BPSC के परीक्षा कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE), न्यायिक सेवा, APO, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तिथियां दी गई हैं। इस कैलेंडर में विशेष शिक्षक, सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी जिक्र है, लेकिन TRE-4 पूरी तरह नदारद है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या सरकार शिक्षक भर्ती को जानबूझकर लटका रही है। छात्र नेता खुशबू पाठक ने आंदोलन का किया आह्वान TRE-4 को लेकर छात्र नेता खुशबू पाठक ने सरकार और आयोग पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘हम लोग पिछले दो साल से TRE-4 का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार कान में तेल डालकर सोई हुई है।’ खुशबू पाठक ने कहा कि, ‘आज 9 फरवरी को पटना में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत पटना कॉलेज से होगी। चूंकि इस समय विधानसभा सत्र भी चल रहा है।’ सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है- छात्र संगठन अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था। बाद में यह संख्या घटाकर करीब 26 हजार कर दी गई। अब हालात ऐसे हैं कि सरकार उतनी वैकेंसी भी देने को तैयार नहीं दिख रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। शिक्षा मंत्री ने TRE-4 पर रखा था अपना पक्ष शिक्षा मंत्री ने हाल ही में दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में TRE-4 को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां दो साल में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह कोई निजी भर्ती नहीं, बल्कि पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें रोस्टर क्लियरेंस जरूरी होता है।’ मंत्री के अनुसार, चुनाव की वजह से भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई। फिलहाल आधे जिलों से रोस्टर क्लियरेंस मिल चुका है, जबकि बाकी जिलों का इंतजार है। रोस्टर मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग आरक्षण नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करेगा। 25 हजार पदों पर भर्ती की उम्मीद शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि इस बार करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है। किस विषय में कितनी जरूरत है, इसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया था कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू होगी।


